Bihar Dengue:पटना में बढ़ा डेंगू का खतरा! बिहार हाई अलर्ट पर, स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर, दो महीना लोगों को सतर्क रहने की अपील
Bihar Dengue: बिहार में मानसून की दस्तक के साथ ही डेंगू का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है।...
Bihar Dengue: बिहार में मानसून की दस्तक के साथ ही डेंगू का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस साल अब तक डेंगू के मामलों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम रही है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग किसी भी आफ़त से निपटने के लिए पूरी तरह चौकन्ना है। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि संक्रमण फैलने की सूरत में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी से 15 जुलाई तक पूरे बिहार में 180 से कम डेंगू मरीज सामने आए हैं। इनमें से करीब 50 मामले अकेले पटना से दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई तैयारियों, निगरानी और लगातार चल रहे जागरूकता अभियानों की वजह से हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं।
डेंगू के खिलाफ जुलाई माह को एंटी-डेंगू माह घोषित किया गया है। इस दौरान स्कूलों, पंचायतों, नगर निकायों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को घरों में पानी जमा न होने देने, मच्छरों से बचाव और डेंगू के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने की जानकारी दी जा रही है।
मच्छरों पर शिकंजा कसने के लिए पूरे राज्य में 318 फॉगिंग मशीनें तैनात की गई हैं। इसके साथ ही एंटी-लार्वा छिड़काव नियमित रूप से कराया जा रहा है। सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में एनएस-1 एलिसा और आईजीएम एलिसा जांच किट उपलब्ध करा दी गई हैं। आवश्यक दवाओं, प्लेटलेट्स प्रबंधन और अन्य चिकित्सा संसाधनों का भी पर्याप्त इंतजाम किया गया है। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में 20 बेड का विशेष डेंगू वार्ड भी तैयार रखा गया है।
पटना के सिविल सर्जन डॉ. योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने कहा कि डेंगू पर काबू केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसमें आम लोगों की भागीदारी भी उतनी ही ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार लार्वा सर्वे, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव कर रही हैं। जहां जलजमाव की शिकायत मिल रही है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। विभाग का मानना है कि बारिश के बाद के अगले दो महीने डेंगू नियंत्रण के लिहाज से सबसे अहम होंगे, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई है।