Bihar Building Bye Laws 2026: मकान बनाना हुआ आसान! बिहार के नए बिल्डिंग बायलॉज में बड़ा बदलाव,अब दफ्तरों के नहीं काटने पड़ेगे चक्कर, जान लीजिए नया नियम

Bihar Building Bye Laws 2026: बिहार में मकान और व्यावसायिक भवन बनाने की प्रक्रिया जल्द ही आसान और पारदर्शी होने वाली है। ...

Bihar Eases Home Construction Rules Under New Building Bylaw
मकान बनाना हुआ आसान- फोटो : social Media

Bihar Building Bye Laws 2026:  बिहार में मकान और व्यावसायिक भवन बनाने की प्रक्रिया जल्द ही आसान और पारदर्शी होने वाली है। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा तैयार किए गए बिहार बिल्डिंग बायलॉज-2026 के ड्राफ्ट पर मिले सुझावों की जल्द ही उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा होगी। इसके बाद संशोधित मसौदे को मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। नए नियम लागू होने के बाद लोगों को लैंड यूज (भूमि उपयोग) बदलवाने के लिए अलग से सरकारी दफ्तरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, जिससे हजारों लंबित निर्माण परियोजनाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

नए प्रस्तावित बायलॉज के मुताबिक, यदि किसी भवन का नक्शा सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत हो जाता है, तो उसी के साथ उस जमीन के लैंड यूज परिवर्तन को भी स्वीकृत माना जाएगा। इसके लिए अलग से किसी एनओसी या अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। माना जा रहा है कि इस फैसले से पटना और आसपास के 2300 से अधिक आवासीय प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी, जो अभी तक जटिल लैंड यूज प्रक्रिया के कारण अटके हुए हैं।

ड्राफ्ट में यह भी प्रस्ताव है कि मास्टर प्लान के तहत आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत गतिविधियों को अधिक लचीले तरीके से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। इससे शहरी विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए नियमों में दमकल और एम्बुलेंस की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। किसी भी भवन योजना की मंजूरी अब संबंधित स्थल पर मौजूद सड़क की वास्तविक चौड़ाई के आधार पर ही दी जाएगी। यदि कोई बिल्डर मल्टीलेवल पार्किंग बनाना चाहता है, तो पहले से विकसित क्षेत्रों में सड़क की चौड़ाई कम से कम 9 मीटर और नए विकसित होने वाले क्षेत्रों में 12 मीटर होना अनिवार्य होगा। निर्माण पूरा होने के बाद अधिकारी मौके पर जाकर सड़क की भौतिक जांच करेंगे और संतुष्ट होने के बाद ही कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक भवनों में दिव्यांगजन के लिए कम से कम 1.8 मीटर चौड़ा बाधा-मुक्त मार्ग बनाना अनिवार्य होगा। नए बिल्डिंग बायलॉज का उद्देश्य निर्माण प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ सुरक्षा, सुगम पहुंच और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा देना है।