राजस्व के बाद खनन विभाग में विजय सिन्हा का चला डंडा, माइनिंग इंस्पेक्टर को किया सस्पेंड, जानें पूरा मामला

उपमुख्यमंत्री और खान एवं भू-तत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अवैध खनन के खिलाफ निर्णायक कदम उठाते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को सख्त कर दिया है। विभागीय कार्यों में लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर उन्होंने बड़ी कार्रवाई की है।

राजस्व के बाद खनन विभाग में विजय सिन्हा का चला डंडा, माइनिंग

Patna - उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भू-तत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दरभंगा के खान निरीक्षक (Mining Inspector) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह सख्त कार्रवाई विभागीय कार्यों में पाई गई गंभीर अनियमितताओं और अवैध खनन को रोकने में विफलता के कारण की गई है। मंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार या कार्य में ढिलाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दोषियों पर कठोर कार्रवाई और निर्दोषों के बचाव का निर्देश

बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने दरभंगा के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को अवैध खनन में संलिप्त माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि अवैध खनन में लिप्त वास्तविक दोषियों को चिन्हित कर उन्हें कठोर दंड दिलाया जाए। वहीं इस कार्रवाई के दौरान किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित न किया जाए। साथ ही साफ कर दिया है कि प्रशासन और माफियाओं के बीच किसी भी स्तर पर मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी।

16 जनवरी को 'के-लाइसेंस' जागरूकता शिविर का आयोजन

खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार ने एक नई पहल की है। 16 जनवरी को पूरे बिहार में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य 'के-लाइसेंस' के प्रति लोगों को जागरूक करना है। इसके माध्यम से नागरिकों और व्यवसायियों को वैध खनन, सुरक्षित परिवहन और भंडारण से संबंधित कानूनी नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

पारदर्शिता और जनहित में संसाधनों का उपयोग

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य के खनिज संसाधनों का दोहन केवल विधिसम्मत और पारदर्शी तरीके से ही किया जाएगा। उन्होंने भू-राजस्व विभाग के अधिकारियों को भी पूरी निष्ठा से कार्य करने को कहा है ताकि सरकारी राजस्व की चोरी रोकी जा सके और राज्य के संसाधनों का लाभ सीधे जनहित में सुनिश्चित हो सके।