बिहार विधान सभा में बैठा है पूरा 'रणवीर सेना', भाकपा -माले विधायक संदीप सौरव की विवादित टिप्पणी, भूमिहार के नाम पर विजय सिन्हा पर निशाना

वायरल वीडियो में संदीप सौरव बिहार विधानमंडल के सत्ता पक्ष के सदस्यों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए उन्हें रणवीर सेना से जोड़ते नजर आते हैं।

 Sandeep Saurav on Ranveer Sena
Sandeep Saurav on Ranveer Sena- फोटो : news4nation

Bihar News : भाकपा (माले) के विधायक संदीप सौरव का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। संदीप सौरव ने दावा किया कि “पूरा रणवीर सेना बिहार विधानसभा में बैठा हुआ है।” यह बयान उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक कार्यक्रम के दौरान दिया। उनके इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


वायरल वीडियो में संदीप सौरव बिहार विधानमंडल के सत्ता पक्ष के सदस्यों पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए उन्हें रणवीर सेना से जोड़ते नजर आते हैं। अपने भाषण में उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के विधानसभा में दिए गए एक पुराने बयान का भी उल्लेख किया। विजय सिन्हा ने उस बयान में खुद के भूमिहार ब्राह्मण होने के कारण हॉस्टल में भेदभाव झेलने की बात कही थी। संदीप सौरव ने विजय सिन्हा के उस अनुभव को हल्के में लेते हुए उसे अन्य जातियों से जोड़कर टिप्पणी की 


क्या है रणवीर सेना

रणवीर सेना बिहार में एक समय प्रतिबंधित रहा संगठन है। वर्ष 1990 के दशक में, जब राज्य जातीय हिंसा के दौर से गुजर रहा था, तब रणवीर सेना का नाम कई नरसंहारों को लेकर सामने आया। इसे मुख्य रूप से सवर्ण जातियों का एक हथियारबंद संगठन माना गया। गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, अरवल और भोजपुर जैसे जिलों में दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों पर हुए कई नरसंहारों के आरोप रणवीर सेना पर लगे। संगठन के प्रमुख के रूप में ब्रह्मेश्वर मुखिया का नाम सामने आया था, जिनकी वर्ष 2012 में हत्या कर दी गई थी।


कौन हैं संदीप सौरव

संदीप सौरव भाकपा (माले) के युवा नेता हैं और छात्र राजनीति से निकलकर मुख्यधारा की राजनीति में आए हैं। वे जेएनयू छात्रसंघ से जुड़े रहे हैं और वामपंथी छात्र आंदोलन से उनकी पहचान बनी।  संदीप सौरव बिहार विधानसभा में भाकपा माले का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपने तेजतर्रार और विवादित भाषणों के लिए पहचाने जाने वाले संदीप सौरव इससे पहले भी कई मौकों पर अपने बयानों को लेकर चर्चा और विवाद में रहे हैं।

नरोत्तम की रिपोर्ट