Bihar Politics: गरीबों की योजनाओं का लाभ ले रहे तेजस्वी के नेता! पूर्व विधायक की पत्नी के नाम राशन कार्ड,बेटे को मिला आवास योजना का लाभ, ऐसे खुला पोल...
Bihar Politics: तेजस्वी यादव के नेता और राजद के पूर्व विधायक के परिवार पर गंभीर आरोप लगा है। नेताजी के परिवार वाले सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं पत्नी के नाम पर राशन कार्ड है तो बेटे को आवास योजना का लाभ मिला है।
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेता पर सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का आरोप लगा है। जानकारी मिल रही है कि राजद के पूर्व विधायक गरीब परिवारों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। उनकी पत्नी के नाम पर राशन कार्ड है तो वहीं उनके बेटे को आवास योजना का लाभ मिला है। हालांकि इस मामले में पूर्व विधायक ने जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए अपना पलड़ा झाड़ लिया है। वहीं बेटे ने माना है कि उसे आवास योजना का लाभ मिला है और घर भी बनाया गया है।
राजद नेता पर गंभीर आरोप
ये नेता कोई और नहीं बल्कि अलौली से राजद के पूर्व विधायक रामवृक्ष सदा हैं। इनके परिवार पर गरीबों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आरोप लगा है। आरोप है कि योजनाओं का लाभ सीधे पूर्व विधायक के नाम पर नहीं, बल्कि उनकी पत्नी और पुत्र के नाम पर स्वीकृत कराया गया। विधायक रहने के दौरान भी पत्नी और नाबालिग बच्चों के नाम पर राशन उठाव जारी रहा।
पूर्व विधायक के परिवार का घोटाला
दरअसल, पूर्व विधायक रामवृक्ष सदा ने वर्ष 2020 में राजद के टिकट पर अलौली विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्हें फिर टिकट मिला, लेकिन वे चुनाव हार गए। आरोप है कि विधायक बनने के बाद भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के बावजूद उनके परिवार का नाम राशन कार्ड से नहीं हटाया गया।
5 दिसंबर को भी उठाया गया राशन
पूर्व विधायक की पत्नी और परिवार की मुखिया सुशीला देवी के नाम से जारी राशन कार्ड में संयुक्त परिवार के छह सदस्यों के नाम दर्ज हैं। इसके आधार पर प्रति माह 12 किलो गेहूं और 18 किलो चावल, कुल 30 किलो अनाज का नियमित उठाव किया जा रहा है। रिकॉर्ड के अनुसार अंतिम बार 5 दिसंबर 2025 को 6 किलो गेहूं और 24 किलो चावल का उठाव किया गया।
पूर्व विधायक के बेटे को मिला आवास योजना का लाभ
इतना ही नहीं, पूर्व विधायक के बेटे रामानंद सदा के नाम वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री आवास योजना स्वीकृत किए जाने का भी मामला सामने आया है। योजना के तहत तीन किस्तों में कुल 1.20 लाख रुपये की राशि बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में भेजी गई। जबकि मुख्यमंत्री आवास योजना का उद्देश्य भूमिहीन, बेघर और अत्यंत गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है।
राशन कार्ड में 6 लोगों का नाम शामिल
इस मामले में राशन डीलर रामानंद राम ने बताया कि सुशीला देवी के नाम जारी राशन कार्ड पर छह सदस्यों के नाम से नियमित रूप से अनाज का उठाव किया गया है और हालिया उठाव भी उनके नाम से ही हुआ है। वहीं, मार्केटिंग ऑफिसर अंजनी कुमार का कहना है कि मामला पूर्व का है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पूर्व विधायक ने किया खारिज
पूर्व विधायक रामवृक्ष सदा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें बेटे को आवास योजना का लाभ मिलने की जानकारी नहीं है और इसके लिए कार्यालय से जानकारी ली जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि पहले राशन कार्ड में उनका और उनकी पत्नी का नाम दर्ज था, जिसे बाद में कटवा दिया गया है। पत्नी के नाम अनाज उठाव की बात उन्होंने गलत बताई।
बेटे ने माना-ले रहे हैं सरकारी योजनाओं का लाभ
वहीं, पूर्व विधायक के पुत्र रामानंद सदा ने स्वीकार किया कि उन्हें योजना का लाभ मिला है और घर का निर्माण भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता अलग रहते हैं, जबकि मां उनके साथ रहती हैं। राशन कार्ड से नाम हटाने के लिए दो बार मार्केटिंग ऑफिसर कार्यालय में आवेदन देने का दावा भी उन्होंने किया है। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच की संभावना जताई जा रही है।