न कोई रिश्ता, न कोई पहचान... फिर भी 106 बार दे चुके हैं जीवनदान, जानिए कौन हैं पटना के रिकॉर्ड बनाने वाले रक्तदाता गौरव राय
पटना के गौरव राय में समाज में मानवता और सेवा की भावना मजबूत करने वाले एक प्रेरनादायी व्यक्तित्व हैं जिन्होंने 106 बार रक्तदान कर अपनी किस्म का एक खास रिकॉर्ड बनाया है.
Blood Donor of Patna : न कोई रिश्ता ना ही कोई जान पहचान लेकिन जिसे भी खून की जरूरत पड़े उसके लिए रक्तदान करने अग्रिम पंक्ति में खड़े रहते हैं पटना के गौरव राय। अब विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रविवार को पटना के सामाजिक कार्यकर्ता गौरव राय ने 106वीं बार रक्तदान कर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। वर्षों से नियमित रूप से रक्तदान कर रहे गौरव राय ने इस मौके पर युवाओं से भी रक्तदान के प्रति जागरूक होने और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। गौरव राय ने कहा कि रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त कई लोगों का जीवन बचा सकता है।
उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदाता साबित होते हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों और भ्रांतियों से दूर रहकर नियमित रक्तदान करने की अपील की। रक्तदान से न केवल जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलता है, बल्कि समाज में मानवता और सेवा की भावना भी मजबूत होती है। विश्व रक्तदाता दिवस का उद्देश्य भी लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना और सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
गौरव राय की व्यापक सराहना
गौरव राय पिछले कई वर्षों से रक्तदान के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने के अभियान से भी जुड़े हुए हैं। उनके प्रयासों से बड़ी संख्या में लोगों को समय पर रक्त मिल सका है। यही कारण है कि सामाजिक क्षेत्र में उनके कार्यों की व्यापक सराहना होती रही है। वे कहते हैं कि एक निजी कम्पनी का प्रबंधन पद संभालते हुए उनके लिए जीवन का मूल उद्देश्य दूसरों की सेवा करना है। इसलिए कारण चाहे रक्तदान हो या अन्य प्रकार से समाज के लिए काम आना वे कुछ न कुछ सेवा कार्य करते रहते हैं। समाज में महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए गौरव राय ने कई पहल शुरू कर रखी है।
महामारी में बने ऑक्सीजन मैन
कोरोना महामारी के दौरान भी गौरव राय ने मानव सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया था। उस कठिन दौर में उन्होंने पटना समेत बिहार के विभिन्न जिलों में जरूरतमंद मरीजों तक बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाने का काम किया। उनके इस योगदान के कारण लोग उन्हें "ऑक्सीजन मैन" के नाम से भी जानने लगे।
कई किस्म का सहयोग
रक्तदान और स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा गौरव राय सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई अन्य कार्यों में भी सक्रिय हैं। उनके परिवार, मित्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से अब तक बिहार में करीब 300 जरूरतमंद लोगों के बीच सिलाई मशीनों का वितरण किया जा चुका है। वहीं, छात्राओं और महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में 152 सैनिटरी वेंडिंग मशीनें स्थापित कराई गई हैं। इसके अलावा 325 से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को साइकिल भी उपलब्ध कराई जा चुकी है।