Patna News: Gen-Z का हल्ला बोल, एसके मेमोरियल हॉल में छात्र युवा संसद

Patna News: AISA के बैनर तले सजे इस छात्र-युवा संसद का नारा भी कितना मुकम्मल है बिहार में गूंजेगी Gen-Z की आवाज!

Gen Z Youth Parliament Hits Patna Protests Over Bihar Paper
Gen-Z का हल्ला बोल,- फोटो : social Media

Patna News: बिहार की शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के तो क्या ही कहने! जहाँ हर दूसरी परीक्षा का पर्चा (पेपर) बिना किसी रजिस्ट्री डाक के ही लीक होकर छात्रों के मोबाइल तक पहुँच जाता है, वहाँ अब हमारी होनहार 'Gen-Z' ब्रिगेड ने पटना के एसके मेमोरियल हॉल में मोर्चा संभाला है। AISA के बैनर तले सजे इस छात्र-युवा संसद का नारा भी कितना मुकम्मल है बिहार में गूंजेगी Gen-Z की आवाज! सच पूछिए तो यह आवाज़ कम, और उन हुकमरानों के कानों पर पड़ा वो करारा वार ज्यादा है, जो हर भर्ती परीक्षा के बाद बड़े इत्मीनान से कह देते हैं—अरे, धांधली कहाँ हुई है? सब तो पारदर्शी है!

BPSC, BELTRON से लेकर दारोगा भर्ती तक... यहाँ तो हर इम्तिहान का हाल ऐसा है कि छात्र पढ़ाई कम और धांधली रोकने के पैंतरे ज़्यादा सीखते हैं। 70वीं BPSC का पर्चा रद्द कराने की अर्ज़ियों से लेकर 7.5 CGPA की 'ज़बरदस्ती वाली पाबंदी' तक, छात्रों के पास दुखड़ा रोने के लिए मुद्दों की कोई किल्लत नहीं है। स्कूल ठीक करो, शिक्षा सुधारो का नारा लगाने वाले मासूमों को शायद किसी ने बताया नहीं कि अगर स्कूल और यूनिवर्सिटी सुधर गए, तो ठेके-पट्टे वाली बहालियाँ और सरकारी बाबुओं की ऊपरी कमाई का क्या होगा भाई?

इस  राजनीतिक मजमें में दमन के शिकार छात्र-नेताओं से लेकर जंतर-मंतर के तजुर्बेकार क्रांतिवीर पधारे हैं। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा बोरा से लेकर दीपांकर भट्टाचार्य और विधायक संदीप सौरभ जैसे सियासी रहनुमा बच्चों को समझा रहे हैं कि हक़ कैसे छीना जाता है। रही-सही कसर पूरी करने के लिए प्रोफेसर एवं व्यंग्यकार डॉ. मेडुसा भी मौजूद हैं आखिर बिहार की बदहाल शिक्षा पर बिना तंज कसे और दिल को दिलासा भी कैसे मिले?

AISA नेताओं का फरमान है कि बिहार विश्वविद्यालय एक्ट, 1976 को खत्म करने की जो चुपके-चुपके साज़िश चल रही है, उसे तुरंत रोका जाए। अब देखना दिलचस्प यह होगा कि इस छात्र-युवा संसद के शोर से सोए हुए हुकमरान जागते हैं या फिर हमेशा की तरह एक नया 'जाँच आयोग' बनाकर इस पूरी गूँज को फाइलों के ढेर में दफ़्न कर दिया जाएगा। तब तक के लिए, बिहार के होनहार Gen-Z को एक और नई 'तारीख' मुबारक हो!