विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा को लेकर सरकार मुस्तैद, 24 घंटे में होगी विशेष जांच : ई. कुमार शैलेन्द्र

बिहार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने विक्रमशिला सेतु की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अगले 24 घंटे के भीतर एक विशेष गहन जांच अभियान चलाने का एलान किया है.....

विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा को लेकर सरकार मुस्तैद, 24 घंटे मे
विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा को लेकर सरकार सजग- फोटो : वंदना शर्मा

Patna : बिहार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने कहा है कि विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा और मजबूती को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क और गंभीर है। उन्होंने घोषणा की है कि अगले 24 घंटे के भीतर सेतु का विशेष निरीक्षण किया जाएगा। इस गहन जांच अभियान के लिए करीब एक घंटे के लिए सेतु पर यातायात को प्रभावित किया जाएगा। इस दौरान इंजीनियरों की एक विशेष टीम पुल के प्रत्येक हिस्से की बारीकी से जांच करेगी ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी या फॉल्ट का समय रहते पता लगाया जा सके।


ड्रोन कैमरों से होगी मॉनिटरिंगतकनीक से परखी जाएगी मजबूती

इस बार विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा जांच में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि सेतु के ऊपर और नीचे, दोनों ओर से ड्रोन कैमरों के माध्यम से विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। ड्रोन द्वारा ली गई उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरों और आंकड़ों का तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा गहन विश्लेषण किया जाएगा। इस पूरे सिस्टम की समीक्षा करने का मुख्य उद्देश्य आम जनता में यह विश्वास पैदा करना है कि सेतु पूरी तरह सुरक्षित है और विभाग इसकी निरंतर निगरानी कर रहा है।


क्षतिग्रस्त स्पैन का संकट और मुख्यमंत्री का त्वरित संज्ञान

ई. कुमार शैलेन्द्र ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि पथ निर्माण विभाग की जिम्मेदारी संभालने के तुरंत बाद ही उनके सामने विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा मामला आया था, जब सेतु का एक स्पैन अचानक क्षतिग्रस्त हो गया था। यह एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तत्काल इस मामले का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा और बिना समय गंवाए आगे की कार्रवाई शुरू की।


युद्धस्तर पर हुआ कामरिकॉर्ड 21 दिनों में पूरी हुई मरम्मत

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विभाग की टीम ने युद्धस्तर पर काम शुरू किया। मंत्री ने बताया कि सभी बाधाओं को पार करते हुए टीम ने मात्र 21 दिनों के भीतर मरम्मत का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इतनी जल्दी काम पूरा करके विभाग ने जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया। यह कार्य इस बात का प्रमाण है कि सरकार संकट के समय कितनी तेजी और संवेदनशीलता से कार्य करती है।


कर्मवीरों का सम्मान और सुरक्षित आवागमन का संकल्प

इस चुनौतीपूर्ण कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा करने वाले सभी श्रमिकों, इंजीनियरों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि इन्होंने दिन-रात एक करके मेहनत की थी। इनके इस योगदान के लिए विभाग द्वारा इन्हें विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया है। इंजीनियर शैलेन्द्र ने अंत में दोहराया कि सरकार और पथ निर्माण विभाग की सबसे पहली और बड़ी प्राथमिकता राज्य के लोगों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें कोई असुविधा न हो।


वंदना कि रिपोर्ट