लोकतंत्र के 105वें पड़ाव पर बिहार विधानसभा में भव्य समारोह, पटना पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू
Bihar Vidhan Sabha Foundation Day: लोकतंत्र के 105वें पड़ाव पर बिहार विधानसभा में सियासी शान बढ़ाने के समारोह के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पटना पहुंच चुके हैं ..
Bihar Vidhan Sabha Foundation Day: बिहार की सियासत और लोकतांत्रिक रवायतों में 7 फरवरी की तारीख एक मील का पत्थर है। यही वह दिन है जब 1921 में बिहार की विधायी परंपरा ने औपचारिक तौर पर सांस ली थी। आज उसी ऐतिहासिक विरासत को संजोते हुए बिहार विधानसभा अपना 105वां स्थापना दिवस मना रही है। यह सिर्फ एक रस्मी आयोजन नहीं, बल्कि संविधान की ताक़त, बहस की तहज़ीब और जनतंत्र की रूह का उत्सव है।
पटना में आयोजित इस भव्य समारोह के लिए सियासी फलक के बड़े चेहरे एक मंच पर जुटे हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अगुवाई में आयोजन की तमाम तैयारियां मुकम्मल की गई हैं। समारोह के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पटना पहुंच चुके हैं और विधानसभा के सेंट्रल हॉल से लोकतंत्र की मजबूती पर अपनी बात रखेंगे। उनके साथ राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहेंगे।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने पटना पहुंचते ही कहा कि आज बिहार के लिए ऐतिहासिक दिन हैं। उन्होंने बताया कि ई-विधान का शुभारंभ होगा और डिजिटल इंडिया की राह पर चलते हुए ‘नेवा सेवा केंद्र’ का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे विधायक डिजिटल विधायी कार्यों में और सक्षम बनेंगे। इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 60 साल में कांग्रेस ने देश की दुर्गति की, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है।
इस ऐतिहासिक लम्हे के गवाह बनने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और विधानमंडल के सभी सदस्य मौजूद रहेंगे। सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कड़े इंतज़ाम किए हैं।
इतिहास के पन्नों में झांकें तो 1912 में बिहार-ओडिशा के बंगाल से अलग होने के बाद स्वतंत्र विधायी संस्था की जरूरत महसूस हुई। 1920 में मौजूदा विधानसभा भवन बनकर तैयार हुआ और 7 फरवरी 1921 को पहली बैठक हुई। तभी से यह तारीख बिहार की लोकतांत्रिक पहचान बन गई जो आज 105वें पड़ाव पर भी उतनी ही मजबूत और प्रासंगिक नजर आती है।
रिपोर्ट- रंजीत कुमार