Bihar News : ‘हम’ ने केंद्र सरकार के सकारात्मक रुख का किया स्वागत, कहा- UGC नियमों पर पुनर्विचार की पहल सराहनीय
Bihar News : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए इक्विटी रेगुलेशन को लेकर केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रखे गए पक्ष का स्वागत किया है।
PATNA : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए इक्विटी रेगुलेशन को लेकर केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रखे गए पक्ष का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सभी वर्गों के विद्यार्थियों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए नियमों पर पुनर्विचार के लिए समिति गठित करने की मंशा जाहिर की है। सरकार का यह सकारात्मक, संवेदनशील और संतुलित दृष्टिकोण सराहनीय है। इसके लिए मैं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।
शरण ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव, उत्पीड़न और किसी भी प्रकार के अन्याय के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। दलित, आदिवासी, पिछड़े, वंचित और कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है। लेकिन सामाजिक न्याय की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें सामान्य वर्ग सहित किसी भी समुदाय का विद्यार्थी असुरक्षित, उपेक्षित या भेदभाव का शिकार महसूस न करे।
उन्होंने कहा की सामाजिक न्याय और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के अधिकार एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण और समरस समाज के दो महत्वपूर्ण आधार हैं।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समिति सभी पक्षों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों के विचारों को ध्यान में रखते हुए संविधान की मूल भावना के अनुरूप संतुलित एवं प्रभावी प्रावधान तैयार करे। नियमों में स्पष्टता, शिकायतों के निष्पक्ष निवारण और संभावित दुरुपयोग को रोकने के पर्याप्त प्रावधान होने चाहिए। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय ज्ञान, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र निर्माण के केंद्र हैं, उन्हें सामाजिक विभाजन का माध्यम नहीं बनने देना चाहिए। हमारा स्पष्ट मानना है कि न्याय ऐसा हो जिसमें किसी के साथ अन्याय न हो और प्रत्येक विद्यार्थी को यह भरोसा रहे कि संविधान और व्यवस्था उसके अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ी है।