बिहार में ऐतिहासिक वित्तीय सुधार: पहली बार 60% के पार पहुंचा CD Ratio, ‘बिहार किसान ऋण पोर्टल’ हुआ लॉन्च

बिहार में बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य का CD रेशियो पहली बार 60% के पार पहुंच गया है। राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में डिप्टी सीएम बिजेन्द्र यादव ने कृषि ऋण को सुगम बनाने के लिए ‘बिहार किसान ऋण पोर्टल’ का शुभ

बिहार में ऐतिहासिक वित्तीय सुधार: पहली बार 60% के पार पहुंचा
बिहार में ऐतिहासिक वित्तीय सुधार- फोटो : रंजन कुमार

Patna : बिहार के बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), बिहार की 96वीं एवं 97वीं संयुक्त बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव द्वारा ‘बिहार किसान ऋण पोर्टल’ का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार ने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार ने पहली बार 60 प्रतिशत से अधिक का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) Ratio हासिल कर एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही राज्य में कुल बैंक जमा (डिपॉजिट) राशि बढ़कर लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये के विशाल स्तर तक पहुंच गई है।


KCC डिजिटल प्लेटफॉर्म का एकीकरण: किसानों को अब बिना रुकावट मिलेगा पारदर्शी लोन

बैंकर्स समिति द्वारा विकसित किया गया नया ‘बिहार किसान ऋण पोर्टल’ राज्य के कृषि क्षेत्र में एक डिजिटल क्रांति लाएगा। यह पोर्टल किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) प्रणाली को सीधे बैंकों, जनसमर्थ पोर्टल और आने वाले समय में एग्री-स्टैक (Agri-Stack) से जोड़ेगा, जिससे किसानों को मिलने वाला कृषि ऋण अधिक पारदर्शी, त्वरित और तकनीक-सक्षम बन सकेगा। विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह ने निर्देश दिया है कि KCC से संबंधित इन डिजिटल सेवाओं को ‘सहयोग शिविरों’ के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर व्यापक रूप से किसानों तक पहुँचाया जाए।


घट गया बैंकों का डूबता कर्ज (NPA); MSME क्षेत्र ने किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

इस समीक्षा बैठक में राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था के कई अन्य सकारात्मक आंकड़े भी पेश किए गए:

  • NPA में भारी गिरावट: बिहार में बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) में उल्लेखनीय कमी आई है और यह घटकर अब मात्र 6.91 प्रतिशत पर आ गया है।
  • वार्षिक साख योजना (ACP): वार्षिक साख योजना के तहत राज्य ने कुल 87 प्रतिशत की शानदार उपलब्धि हासिल की है।
  • MSME और कृषि का प्रदर्शन: इस योजना में MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए लगभग 84 प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त किया, जबकि कृषि क्षेत्र में लगभग 67 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है।


सुस्त रफ्तार वाले बैंकों पर कसेगा शिकंजा: वित्त मंत्री ने दी 6 महीने की चेतावनी

उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिहार में बैंकिंग क्षेत्र की यह प्रगति बेहद उत्साहजनक है, लेकिन बड़े बैंकों को राज्य की इस विशाल पूंजी का उपयोग स्थानीय निवेश, उद्यमिता और रोजगार सृजन के लिए बढ़ाना होगा। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जिन बैंकों का CD Ratio 50 प्रतिशत से कम और ACP उपलब्धि 60 प्रतिशत से कम पाई जाएगी, उनकी कार्यशैली की प्रत्येक छह माह पर विशेष समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही, कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के लंबित मामलों के निपटारे और कृषि निवेश को गति देने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।


स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर: पीएम स्वनिधि और जीविका की समीक्षा

बैठक के दौरान राज्य के अन्य महत्वपूर्ण प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की भी गहन समीक्षा की गई, जिसमें विभिन्न मंत्रियों ने अपने विचार रखे:

  • पशुपालन और मत्स्य: पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री श्री नंद किशोर राम ने डेयरी और मछली पालन से जुड़े छोटे किसानों को बिना बैंक के चक्कर काटे शीघ्र KCC ऋण उपलब्ध कराने पर बल दिया।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG): ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार ने राज्य के 11.88 लाख सक्रिय स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए ऋण स्वीकृति की धीमी गति पर चिंता जताई और बैंक सखी व जीविका दीदियों के आर्थिक सशक्तिकरण की बात कही।
  • पीएम स्वनिधि और सौर ऊर्जा: नगर विकास मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने 'प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना' के तहत प्राप्त 3.37 लाख आवेदकों की पेंडेंसी को कम करने का निर्देश दिया। वहीं 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' के तहत मई 2026 तक लगभग 3,700 सौर ऋण स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई।
  • महिला किसान: महिला किसानों के अंतरराष्ट्रीय वर्ष के अवसर पर डेयरी, सब्जी उत्पादन और कुक्कुटपालन जैसी गतिविधियों से जुड़ी महिलाओं के वित्तीय सुदृढ़ीकरण पर विशेष चर्चा की गई।


रंजन कुमार की रिपोर्ट