Bihar News : नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार समारोह का भव्य आयोजन: अधिवक्ता अमित कुमार सिंह समेत कई दिग्गज सम्मानित

Bihar News : नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय पुरस्क

PATNA :  पटना स्थित नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी (NOU) के परिसर में 'अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार समारोह–2026' के बैनर तले दो दिवसीय भव्य सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता और कानून जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले देश-विदेश के प्रख्यात विद्वानों को सम्मानित किया गया। समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली विभूतियों के कार्यों को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करना था।

इस गरिमामय समारोह में राजनीति और अकादमिक जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद और मॉरीशस के पूर्व उप-प्रधानमंत्री हरीश बुधु की धर्मपत्नी डॉ. सरिता बुधु उपस्थित रहीं। उनके साथ बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ, नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजू लामा और थाईलैंड के थाई मंदिर के प्रधान डॉ. पी. सी. चंदा ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

समारोह का विशेष आकर्षण पटना हाई कोर्ट के चर्चित अधिवक्ता अमित कुमार सिंह का सम्मान रहा। कानून के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, विधिक सेवाओं के प्रति उनकी निष्ठा और सामाजिक दायित्वों के उत्कृष्ट निर्वहन के लिए उन्हें 'अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार समारोह–2026' से नवाजा गया। यह सम्मान न्याय व्यवस्था के प्रति उनके सतत समर्पण और कानूनी क्षेत्र में उनकी बढ़ती साख को रेखांकित करता है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद अधिवक्ता अमित कुमार सिंह ने आयोजन समिति और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हैं, बल्कि यह समाज और न्याय व्यवस्था के प्रति अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे भविष्य में भी पीड़ितों को न्याय दिलाने और कानूनी जागरूकता फैलाने की दिशा में अपना सक्रिय योगदान जारी रखेंगे।

दो दिवसीय इस सम्मेलन में मानवाधिकार टुडे के संपादक डॉ. शशि भूषण कुमार सहित कई शिक्षाविदों ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने समाज के निर्माण में बुद्धिजीवियों की भूमिका पर जोर दिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय प्रतिभाओं के बढ़ते प्रभाव की सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर आयोजन समिति ने सभी गणमान्य अतिथियों और सम्मानित व्यक्तियों को बधाई देते हुए इसे एक सफल अकादमिक और सांस्कृतिक मिलन बताया।