बिहार विधानसभा में यूरिया कालाबाजारी का मुद्दा गरमाया, सत्ता पक्ष के विधायकों ने ही सीएम नीतीश के मंत्री को घेरा
यूरिया की कालाबाजारी को लेकर उठे सवालों से सदन में सत्ता पक्ष के भीतर ही मतभेद खुलकर सामने आए।
Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा में गुरुवार को यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा जोर-शोर से उठा। प्रश्नकाल के दौरान नरकटिया से विधायक विशाल कुमार ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि खाद की कालाबाजारी में पदाधिकारियों और डीलरों की मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए संबंधित अधिकारियों और डीलरों के मोबाइल लोकेशन की जांच कराई जानी चाहिए।
इस पर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सदन को बताया कि वर्ष 2025-26 में खरीफ और रबी दोनों मौसम के लिए पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया गया है। मंत्री ने दावा किया कि राज्य में आवश्यकता से अधिक खाद की आपूर्ति की गई है और कालाबाजारी पर सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने बताया कि पूर्वी चंपारण जिले में इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि 19 डीलरों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। पूरे बिहार में अब तक 419 डीलरों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं और 104 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है।
मंत्री के जवाब के बाद भी सदन में हंगामा थमा नहीं। बीजेपी विधायक नीरज बब्लू ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार से यूरिया की तस्करी नेपाल तक हो रही है। उन्होंने इसे गंभीर समस्या बताते हुए सीमा क्षेत्रों में और कड़ी निगरानी तथा सख्त कदम उठाने की मांग की।
यूरिया की कालाबाजारी को लेकर उठे सवालों से सदन में सत्ता पक्ष के भीतर ही मतभेद खुलकर सामने आए।