Bihar news: 'हम पाकिस्तान का ऐसा हश्र करेंगे जिसके बारे में वह....', पहलगाम हमले को लेकर JDU ने पड़ोसी मुल्क को सुनाई खरी-खोटी, कहा-'मोदी है तो मुमकिन है'
2025 के चुनाव से पहले जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया। जाति आधारित गणना का समर्थन किया और पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी।

Bihar news: मुजफ्फरपुर में आयोजित एक सभा में जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बिहार और केंद्र की राजनीति को लेकर एक बेहद आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा भाषण दिया।उन्होंने कहा, "बिहार में नीतीश हैं तो निश्चित है और केंद्र में मोदी हैं तो मुमकिन है।" यह बयान उस डबल इंजन सरकार की पुनर्पुष्टि है जिसे एनडीए 2025 के विधानसभा चुनाव में प्रमुख चुनावी हथियार के तौर पर पेश कर सकती है।
राजीव रंजन ने विपक्षी दलों को ‘झूठ और पाखंड की पोटली’ कहकर सीधे-सीधे INDIE गठबंधन पर हमला बोला। उन्होंने यह दावा किया कि विरोधी दल हमारे विकास कार्यों से डर गए हैं, और अब उन्हें पता है कि जनता का समर्थन किसके साथ है।
पाकिस्तान पर तीखा हमला: 'अब ऐसा टुकड़ा होगा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती'
अपने भाषण में राजीव रंजन ने पाकिस्तान को लेकर भी आक्रामक लहजा अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान भारत पर हमला करता है, तो भारत सरकार ऐसा जवाब देगी जिसे पाकिस्तान कभी भूल नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि 1965 में लाहौर और 1971 में बांग्लादेश के टुकड़े हुए। अब इतना टुकड़ा होगा जिसकी पाकिस्तान कल्पना भी नहीं कर सकता।
जाति आधारित जनगणना संविधान सम्मत निर्णय
राजीव रंजन ने जाति आधारित जनगणना के विषय पर भी अपना स्पष्ट समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा के अनुसार लिया गया है और इसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों की वास्तविकता को आंकड़ों में सामने लाना है।सवर्ण समुदाय को लेकर उन्होंने विशेष रूप से आश्वस्त किया कि किसी को भी हताश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, "हम सबका साथ, सबका विकास में विश्वास रखते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने पहले ही कह दिया था कि यदि बिहार चाहे तो वह अपने संसाधनों से जाति आधारित जनगणना करा सकता है—और वही हुआ।
सात दशक के शासन में कितना किया पिछड़े वर्गों के लिए?
राजीव रंजन ने अपने बयान में कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सात दशक तक शासन में रहने के बावजूद कांग्रेस ने पिछड़े वर्गों के लिए क्या किया, यह किसी से छिपा नहीं है। वर्तमान सरकार संविधान सम्मत निर्णयों के साथ देश को आगे ले जा रही है और जातीय गणना इसी दिशा में एक कदम है।