जीतन राम मांझी ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र, दलितों के मुद्दे पर एससी-एसटी सांसदों के लिए कर दी विशेष मांग
देश के सभी दलित वर्ग से आने वाले एससी-एसटी सांसदों को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लोकसभा स्पीकर को एक पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने एससी-एसटी सांसदों से जुड़े एक मुद्दे पर ध्यान आकृष्ट किया है.
Bihar News : केंद्रीय मंत्री और बिहार के गया संसदीय क्षेत्र से सांसद जीतन राम मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों से आने वाले सांसदों को महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान पर्याप्त बोलने का और ज्यादा समय देने की मांग की है। मांझी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। साथ ही अक्सर ही एससी-एसटी मामलों को लेकर मुखर रहते हैं। अब इसी क्रम में उन्होंने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर एक और मुद्दा उठाया है।
मांझी ने अपने पत्र में बताया कि यह मुद्दा बीजेपी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने 5 अगस्त को दिल्ली स्थित उनके आवास पर आयोजित 'NDA MPs Group Dialogue Meeting' के दौरान उठाया था। खरगोन, मध्य प्रदेश से सांसद पटेल ने मांग की थी कि एससी-एसटी समुदायों से जुड़े सांसदों को सदन में अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष से पटेल की मांग पर आगे आवश्यक कार्रवाई करने और संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
'बढ़ाया जाना चाहिए समय'
मांझी की इस मांग को लेकर गजेंद्र सिंह पटेल ने भी इस मुद्दे की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी सांसदों को मिलने वाला बोलने का समय और बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि किसी राजनीतिक दल को आवंटित समय उसके कई सांसदों के बीच बंट जाता है।
पटेल ने कहा कि ऐसा नहीं है कि एससी-एसटी सांसदों को बोलने का मौका नहीं मिलता, लेकिन उन्हें अधिक समय दिया जाना चाहिए, ताकि इन समुदायों से जुड़े ज्यादा मुद्दों को संसद में उठाया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मांग का उद्देश्य संसद की चर्चाओं में एससी-एसटी समुदायों से जुड़े विषयों को पर्याप्त स्थान दिलाना है। पटेल ने यह भी स्वीकार किया कि इन समुदायों से आने वाले सांसदों को सदन में अपनी बात रखने के अवसर मिलते हैं।