सरकारी सिस्टम की भेंट चढ़ा एक और जवान बेटा! सड़क हादसे में घायल युवक की मौत, परिजनों ने अस्पताल को घेरा

सड़क दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई, आरोप है कि आठ दिनों तक अस्पताल में रहने के बावजूद न तो समय पर जांच हुई और न ही सही तरीके से देखभाल की गई।

सरकारी सिस्टम की भेंट चढ़ा एक और जवान बेटा! सड़क हादसे में घ

Bhagalpur - जिले के रंगरा थाना क्षेत्र के मधुबनी निवासी बबलू सिंह के 22 वर्षीय पुत्र दिनकर कुमार की सड़क दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. दिनकर, जो पेशे से मजदूर था और अपने परिवार का मुख्य सहारा था, उसकी मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है. जानकारी के अनुसार, यह हादसा एक जनवरी को हुआ जब घर के पास सड़क पार करने के दौरान एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उसे जोरदार टक्कर मार दी थी.

रंगरा से भागलपुर रेफर, पर नहीं मिला समुचित इलाज

हादसे के तुरंत बाद दिनकर को रंगरा स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया गया. परिजनों का आरोप है कि पिछले आठ दिनों से अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद उसे सही उपचार नहीं मिला.

अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

मृतक के पिता बबलू सिंह ने अस्पताल के चिकित्सकों और प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है आठ दिनों तक अस्पताल में रहने के बावजूद न तो समय पर जांच हुई और न ही सही तरीके से देखभाल की गई. परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने मरीज को ठीक से देखा तक नहीं और न ही पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई गईं. परिजनों का मानना है कि यदि समय रहते दिनकर को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी.

परिजनों ने की कार्रवाई की मांग

दिनकर की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया. शोकाकुल माता-पिता और परिजनों ने दोषी डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है. इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की लचर व्यवस्था और सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को मिलने वाली आपातकालीन सेवाओं की पोल खोल दी है.

Report - balmukund kumar