खान सर की अग्रिम जमानत पर नहीं आया कोर्ट का फैसला, कोचिंग विवाद मामले में जेल या बेल पर इस दिन आएगा आदेश
खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर लगातार सुनवाई चलती रही। कई तारीखों पर बहस के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा, लेकिन शुक्रवार को भी आदेश जारी नहीं किया गया।
Khan Sir Anticipatory Bail : चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को भी कोई आदेश नहीं आ सका। अब इस मामले में 13 जुलाई को सुनवाई होगी और उसी दिन कोर्ट अग्रिम जमानत पर अपना फैसला सुना सकता है। यह जानकारी खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मौआर ने दी। वकील के अनुसार, अदालत में शुक्रवार को सुनवाई हुई, लेकिन आदेश सुरक्षित रखते हुए अगली तारीख 13 जुलाई तय की गई है। इसी दिन खान सर के साथ-साथ उनके दो बॉडीगार्ड की अग्रिम जमानत याचिका पर भी फैसला आने की संभावना है।
यह मामला पटना में 2 जून को हुए चर्चित खान सर कोचिंग विवाद से जुड़ा है। विवाद उस समय सामने आया था जब कोचिंग संस्थान में हुई घटनाओं और उसके बाद की पुलिस कार्रवाई को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता गया। इसी प्रकरण में खान सर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए अग्रिम जमानत की याचिका दायर की।
रौशन आनंद से विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान शिक्षक रौशन आनंद की गिरफ्तारी भी चर्चा का विषय बनी। रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों और कई शिक्षक संगठनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए और इसे लेकर विरोध भी दर्ज कराया। मामला तब और संवेदनशील हो गया, जब रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
इस घटना के बाद विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रिंस यादव की मौत के बाद पूरे प्रकरण ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। सरकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे, जबकि प्रशासन का कहना रहा कि सभी मामलों की जांच कानून के दायरे में की जा रही है।
इसी बीच खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर लगातार सुनवाई चलती रही। कई तारीखों पर बहस के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा, लेकिन शुक्रवार को भी आदेश जारी नहीं किया गया। अब 13 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि अदालत उसी दिन फैजल खान और उनके दोनों बॉडीगार्ड की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर अंतिम आदेश पारित कर सकती है।
रंजीत की रिपोर्ट