Bihar Land Registry: बिहार में जमीन रजिस्ट्री में हो रहा बड़का खेला!आयकर विभाग का चला डंडा, इतने सब-रजिस्ट्रार को भेजा नोटिस

Bihar Land Registry: बिहार में जमीन रजिस्ट्री के बहाने बड़ा खेल चल रहा है। कालेधन को खपाने के लिए कैश में लेनदेन किया जा रहा है। यही नहीं फॉर्म-60 भी नहीं भरे जा रहे हैं। अब इस मामले में आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

Bihar Land Registry
जमीन रजिस्ट्री में चल रहा खेला - फोटो : social media

Bihar Land Registry: बिहार में जमीन रजिस्ट्री में कालाधन खपाने की कोशिश की जा रही है। जमीन रजिस्ट्री के लिए बड़े पैमाने पर कैश में लेनदेन किया जा रह है। इसकी जानकारी मिलते ही आयकर विभाग ने 57 सब-रजिस्ट्रार को नोटिस भेजा है। साथ ही 2552 निबंधन को भी रिजेक्ट किया गया है। इस मामले में आयकर विभाग ने जांच शुरु कर दी है। 

जमीन रजिस्ट्री में चल रहा खेला 

दरअसल, उत्तर बिहार में जमीन रजिस्ट्री के दौरान बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन का मामला सामने आया है। अनुमान के मुताबिक करीब 95 प्रतिशत जमीन रजिस्ट्रियां कैश में की जा रही हैं, जिससे कालेधन को खपाने की आशंका गहराती जा रही है। इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए आयकर विभाग ने उत्तर बिहार के 11 जिलों में स्थित 57 निबंधन कार्यालयों के सब-रजिस्ट्रार को नोटिस जारी किया है।

कालाधन खपाने की कोशिश 

आयकर विभाग को इनपुट मिला है कि जमीन रजिस्ट्री के दौरान सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। कई मामलों में पैन कार्ड और फॉर्म-60 के बिना ही निबंधन किया जा रहा है, जिससे आयकर विभाग को क्रेता और विक्रेता की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसका फायदा उठाकर लोग कालेधन को जमीन खरीद-बिक्री के जरिए खपा रहे हैं।

फॉर्म 60 नहीं भर रहे क्रेता

आयकर विभाग के अनुसार, फॉर्म-60 उन लोगों के लिए अनिवार्य है, जिनके पास पैन कार्ड नहीं है। बिना पैन कार्ड के बैंक खाता खोलने, निवेश करने या जमीन एवं संपत्ति खरीदने में इस फॉर्म को भरना जरूरी होता है। लेकिन जमीन रजिस्ट्री में फॉर्म-60 नहीं भरे जाने से विभाग को लेनदेन से संबंधित रिपोर्ट नहीं मिल पाती है।

11 जिलों के 57 रजिस्ट्रार को नोटिस 

जांच में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में पैन नंबर जानबूझकर गलत दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि आयकर विभाग को अंधेरे में रखा जा सके। गलत पैन नंबर के जरिए निबंधन कराकर कालेधन को वैध बनाने की कोशिश की जा रही है। इन्हीं गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए आयकर विभाग ने मुजफ्फरपुर, पारू, कटरा, कांटी, मोतीपुर सहित उत्तर बिहार के 11 जिलों के 57 सब-रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।