Bihar Politics: उनके जाने से हमें....विधान परिषद के सभापति सीएम नीतीश के इस्तीफे से हुए भावुक, कहा- मुख्यमंत्री का छूट रहा है साथ

Bihar Politics: उनके जाने से हमें....विधान परिषद के सभापति स

Bihar Politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता त्याग दी है। सीएम नीतीश ने मंगलवार को विधान परिषद के सभापति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। जिसके बाद से ही सियासी हलचल तेज हो गई है। वहीं सीएम नीतीश के इस्तीफे को लेकर विधान परिषद के सभापति ने बड़ा बयान दिया है। सभापति ने कहा कि उनके जाने से तकलीफ हो रही है। हमें ही नहीं पूरे बिहार को उनके जाने का दुख है। 

नीतीश कुमार के इस्तीफे से भावुक हुए सभापित 

उन्होंने कहा कि वे सुबह मुख्यमंत्री से मिलने गए थे, जहां नीतीश कुमार ने स्पष्ट रूप से इस्तीफा देने की बात कही थी। इसके बाद वे त्यागपत्र की प्रक्रिया को लेकर विधान परिषद पहुंचे। उन्होंने बताया कि अब सीट खाली होने की औपचारिक घोषणा की जाएगी और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री को भी बुलाया गया है।

20 सालों का साथ छोड़ जा रहे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर सभापति ने कहा कि नीतीश कुमार एक बेहद धैर्यवान और सहनशील व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि उनके चेहरे से भाव पढ़ पाना आसान नहीं है। दुख हमें जरूर हो सकता है कि ऐसा व्यक्तित्व और ऐसा मुख्यमंत्री हमें छोड़कर जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अब संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। केंद्र की राजनीति में जाने को लेकर उन्होंने कहा कि यह एक प्रक्रिया है और उसे पूरा करना आवश्यक है, लेकिन उनके जाने का दर्द बना रहेगा। सभापति ने कहा कि, सीएम नीतीश के साथ लंबे समय से संबंध था और उनकी कमी हमेशा खलेगी। 

लंबे समय से रहा संबंध 

सभापति ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ उनका लंबे समय से बहुत अच्छा संबंध रहा है, जिसे उन्होंने हमेशा निभाया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि, ऐसे विकासशील और सबको साथ लेकर चलने वाले मुख्यमंत्री का जाना पूरे बिहार के लिए दुखद है। उनके जाने से सभी को तकलीफ हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को विकास की नई दिशा दी और राज्य को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। आज बिहार की पहचान एक विकसित होते राज्य के रूप में बनने लगी है, इसमें उनका बड़ा योगदान है।

पटना से रंजन की रिपोर्ट