पटना यातायात पुलिस कार्यालय में आयोजित हुआ 'लाइन डे': एसपी यातायात ने जवानों की सुनी समस्याएं, दिए कई निर्देश
पटना पुलिस यातायात कार्यालय में 'लाइन डे' का आयोजन किया गया। इस दौरान ट्रैफिक एसपी ने ऑर्डरली रूम और अनुरोध कक्ष के माध्यम से जवानों की समस्याएं को सुना और कई दिशा-निर्देश जारी किए.....
Patna : पटना पुलिस यातायात कार्यालय में शुक्रवार को 'लाइन डे' का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक (यातायात) द्वारा पटना यातायात पुलिस में प्रतिनियुक्त अधिकारियों और जवानों के कल्याण, अनुशासन और कार्यशैली को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की गई। ऑर्डरली रूम और अनुरोध कक्ष के माध्यम से जवानों की विभिन्न अर्जियों पर विचार किया गया और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
छुट्टियों के आवेदनों पर त्वरित और सहानुभूतिपूर्वक विचार
समीक्षा के दौरान मुख्य रूप से यातायात कर्मियों के अवकाश और छुट्टियों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी गई। एसपी यातायात ने निर्देश दिया कि जवानों द्वारा दिए जाने वाले छुट्टी के आवेदनों और अनुरोधों पर बिना किसी विलंब के त्वरित तथा सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए, ताकि उन्हें पारिवारिक या व्यक्तिगत कार्यों के लिए सुगमता मिल सके।
फील्ड ड्यूटी के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान
सड़क पर मुस्तैद रहकर ट्रैफिक संभालने वाले ऑन-ड्यूटी जवानों को फील्ड में पेश आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और कठिनाइयों को गंभीरता से सुना गया। यातायात एसपी ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जवानों को फील्ड में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
लापरवाही और अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जवानों के कल्याण के साथ-साथ अनुशासन पर भी विशेष जोर दिया गया। कर्तव्य के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या अपने दायित्वों से विमुख होने वाले कर्मियों के कार्यों की कड़ी समीक्षा की गई। एसपी ने दो टूक निर्देश दिए कि ड्यूटी में कोताही बरतने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
याचिका और सुगम यातायात व्यवस्था के लिए पटना पुलिस की प्रतिबद्धता
पटना पुलिस अपने जवानों की सुख-सुविधाओं और उनके कल्याण का पूरा ध्यान रखते हुए राजधानी की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सुचारू, सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस तरह के आयोजनों से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और ट्रैफिक प्रबंधन में और अधिक सुधार देखने को मिलता है।
रंजीत की रिपोर्ट