Bihar Police Transfer: बिहार पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, 22 जांबाज अफसरों का तबादला, दानापुर से पटना सिटी तक खाकी की नई बिसात, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना

Bihar Police Transfer: बिहार की प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था की मशीनरी को दुरुस्त करने और जमीन पर हुकूमत की हनक को मबूत करने के इरादे से सम्राट सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है।

Bihar Police Transfer: बिहार पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, 22
22 जांबाज अफसरों का तबादला- फोटो : social Media

Bihar Police Transfer: बिहार की प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था की मशीनरी को दुरुस्त करने और जमीन पर हुकूमत की हनक को मबूत करने के इरादे से सम्राट सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, सूबे में बड़े पैमाने पर एसडीपीओ (SDPO) और डीएसपी (DSP) रैंक के 22 आला पुलिस अफ़सरों का तबादला किया गया है। 

विपक्ष द्वारा अपराध नियंत्रण के दावों पर लगातार उठाए जा रहे तीखे सवालों के बीच इस बड़े तबादले को सरकार का एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, ताकि अपराध और अपराधियों पर नकेल कसी जा सके। इस नए निजाम के तहत, तेजतर्रार पुलिस अफसर अजित कुमार को सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाक़े अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी 1 दानापुर की बेहद अहम ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, राजधानी के सबसे व्यस्त और चुनौती भरे क्षेत्र पटना सिटी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी 2 के तौर पर शिव शंकर कुमार की तैनाती कर महकमे ने साफ संदेश दे दिया है कि ज़मीन पर मुस्तैदी पहली प्राथमिकता है।

बदलते दौर के साथ बढ़ते जा रहे डिजिटल और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए भी हुकूमत ने अपनी संजीदगी दिखाई है। साइबर सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए राघवेंद्र मणि त्रिपाठी को पुलिस उपाधीक्षक, साइबर अपराध सुरक्षा इकाई (पटना) के पद पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, अपराधियों के गढ़ माने जाने वाले कुछ इलाकों में प्रशासनिक हंटर चलाने के लिए नीतीश चंद्र धारिया को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी 2 सदर खगड़िया और राघव दयाल को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मसौढ़ी 1 की नई कमान सौंपी गई है।



सियासी और प्रशासनिक गलियारों में इस भारी उथल-पुथल को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है। इसे महज़ रूटीन ट्रांसफर न मानकर, सूबे की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और अवाम के बीच खाकी का इक़बाल बुलंद करने की एक पुरज़ोर कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब देखना यह है कि नई जगहों पर तैनात हुए ये अधिकारी सरकार की उम्मीदों और अवाम की हिफाज़त की कसौटी पर कितने खरे उतरते हैं।