वीआईपी को बड़ा झटका: मुकेश सहनी के करीबी आनंद मधुकर यादव ने छोड़ा साथ, पत्नी संग बीजेपी में होंगे शामिल

वीआईपी को करारा झटका लगा है। पार्टी सुप्रीमो सुप्रीमो मुकेश सहनी के बेहद करीबी और पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद मधुकर यादव ने उनका साथ छोड़ दिया है। आनंद मधुकर अपनी पत्नी के साथ बीजेपी मे शामिल होने जा रहे है....

वीआईपी को बड़ा झटका: मुकेश सहनी के करीबी आनंद मधुकर यादव ने
मुकेश सहनी को बड़ा झटका- फोटो : देवांशु प्रभात

Patna : बिहार की सियासत में दल-बदल का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को एक बहुत बड़ा झटका लगने जा रहा है। वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी के बेहद करीबी माने जाने वाले कद्दावर नेता और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष आनंद मधुकर यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने का फैसला किया है। वे औपचारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेंगे।


पत्नी श्रुति श्री भी थामेंगी भाजपा का दामन

राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि आनंद मधुकर यादव अकेले भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं, बल्कि उनकी पत्नी श्रुति श्री भी उनके साथ नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी। श्रुति श्री वर्तमान में फतुहा की ब्लॉक प्रमुख हैं और क्षेत्र के स्थानीय विकास कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। दोनों पति-पत्नी के एक साथ भाजपा में आने से पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।


16 जुलाई को पटना में होगा मिलन समारोह

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आनंद मधुकर यादव और उनकी पत्नी श्रुति श्री आगामी 16 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी में आधिकारिक तौर पर शामिल होंगे। पटना में आयोजित होने वाले एक विशेष मिलन समारोह के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में दोनों नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी। मुकेश सहनी की पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष जैसे बड़े पद पर रहते हुए आनंद मधुकर का यह फैसला वीआईपी के लिए एक बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है।


बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में है आनंद मधुकर का घर

आनंद मधुकर यादव का मुख्य निवास स्थान पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में है। बांकीपुर और उसके आस-पास के इलाकों में उनका अच्छा-खासा राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है। वहीं, उनकी पत्नी के फतुहा ब्लॉक प्रमुख होने के कारण फतुहा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भी इस राजनीतिक परिवार की पकड़ मजबूत है। इन दोनों क्षेत्रों में इनके समर्थकों के बीच इस फैसले को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।


मुकेश सहनी के लिए बड़ी राजनीतिक क्षति

वीआईपी के शीर्ष नेतृत्व में शामिल आनंद मधुकर यादव का इस तरह पार्टी छोड़ना मुकेश सहनी के लिए एक बड़ा व्यक्तिगत और राजनैतिक झटका है। आगामी चुनावों से ठीक पहले पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष का मुख्यधारा की राजनीति छोड़कर भाजपा में शामिल होना वीआईपी की अंदरूनी रणनीति को कमजोर कर सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आनंद मधुकर के जाने के बाद वीआईपी इस खालीपन को कैसे भरती है।


देवांशु प्रभात की रिपोर्ट