मनेर हाईस्कूल को मिली नई प्रभारी प्राचार्य: मनीषा बाला को प्रशासनिक व वित्तीय प्रभार, मिलीं बधाइयां

पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, मनेर में विशिष्ट शिक्षिका मनीषा बाला को नई प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) पटना ने प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों का प्रभार सौंपने का आदेश जारी किया। बधाई देने वालों का लगा तांता।

Manisha Bala Maner High School Principal
मनेर हाईस्कूल को मिली नई प्रभारी प्राचार्य - फोटो : Reporter

मनेर की विशिष्ट शिक्षिका मनीषा बाला को पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का नया प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), पटना योगेश कुमार द्वारा 10 सितंबर को जारी आधिकारिक आदेश के तहत उन्हें स्कूल के दैनिक प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है।


विभागीय आदेश के तहत की गई अंतरिम व्यवस्था

डीईओ पटना के कार्यालय आदेश के अनुसार, यह निर्णय विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों की पदस्थापन विवरणी की समीक्षा और प्राथमिक शिक्षा निदेशक के आदेश (दिनांक 12 फरवरी 2026) के आलोक में लिया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया है कि विद्यालय में स्थायी/नियमित प्रधानाध्यापक की नियुक्ति होते ही यह अंतरिम व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी।


15 वर्षों का अनुभव और गणमान्य लोगों से मिली बधाइयां

मनीषा बाला पिछले लगभग 15 वर्षों से इसी विद्यालय में निष्ठापूर्वक अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनके प्रभारी प्राचार्य पद का पदभार संभालने पर स्थानीय विधायक भाई वीरेंद्र, एमएलसी नवल किशोर यादव, पूर्व विधायक प्रो. सूर्यदेव त्यागी, पूर्व विधायक प्रो. श्रीकांत निराला, मनेर नगर परिषद के मुख्य पार्षद विद्याधर बिनोद, उप मुख्य पार्षद शंकर कुमार यादव तथा निवर्तमान प्रभारी प्राचार्य संजय कुमार सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।


शैक्षणिक परिवार से जुड़ाव और विद्यालय के विकास की उम्मीद

मनीषा बाला एक सुदृढ़ शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता रामबली प्रसाद दानापुर के डीएवी स्कूल के प्राचार्य रह चुके हैं, जबकि उनकी माता कन्या महाविद्यालय, दानापुर में प्राध्यापक के पद पर कार्यरत रही हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने उम्मीद जताई है कि उनके लंबे अनुभव और शैक्षणिक माहौल के मार्गदर्शन में विद्यालय में पठन-पाठन का स्तर और मजबूत होगा तथा संस्थान नई ऊंचाइयों को छुएगा।