IDBI Bank के निजीकरण के विरोध में देशव्यापी हड़ताल, पटना में 150 से अधिक बैंक अधिकारियों का जोरदार प्रदर्शन
IDBI Bank के निजीकरण की नीति के विरोध समेत अन्य लंबित मांगों को लेकर ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को देशव्यापी एकदिवसीय औद्योगिक हड़ताल का आयोजन किया गया....
Patna : ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) के आह्वान पर IDBI Bank के निजीकरण की नीति के विरोध में 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी एकदिवसीय औद्योगिक हड़ताल का आयोजन किया गया। पटना समेत पूरे बिहार में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर इस हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके चलते राज्य भर में बैंक शाखाओं और प्रशासनिक कार्यालयों में मुख्य बैंकिंग कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहे और ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पटना की फ्रेजर रोड शाखा पर विशाल धरना और प्रदर्शन
राजधानी पटना में IDBI Bank की फ्रेजर रोड स्थित मुख्य शाखा के सामने अधिकारियों और कर्मचारियों ने विशाल धरना दिया और उग्र प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में पटना शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए 150 से अधिक बैंक अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की बैंक निजीकरण नीति और जनविरोधी फैसलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना आक्रोश दर्ज कराया।
सरकारी संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने का गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारी बैंक अधिकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लाभ कमाने वाले और सरकारी खजाने को लगातार भारी लाभांश देने वाले IDBI Bank को कम कीमत पर विदेशी और निजी कॉर्पोरेट घरानों को बेचने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने संकल्प लिया कि बैंक के सार्वजनिक स्वरूप को बचाने के लिए इस आंदोलन को आगे और अधिक आक्रामक एवं निर्णायक बनाया जाएगा।
मांगें न मानने पर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी
सरकार के रवैये से नाराज बैंक अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन तेज करेंगे। संगठन ने घोषणा की है कि 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर कहा कि अगर सरकार ने वार्ता का रास्ता नहीं चुना, तो उत्पन्न होने वाली सभी स्थितियों के लिए केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन जिम्मेदार होंगे।
5-दिवसीय बैंकिंग और लंबित मुद्दों के जल्द समाधान की मांग
निजीकरण के विरोध के साथ-साथ बैंक कर्मचारियों ने कई अन्य प्रमुख मांगें भी दोहराईं। उन्होंने 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को तत्काल लागू करने, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में हो रहे भेदभाव को समाप्त कर आनुपातिक भुगतान करने और 9वें जॉइंट नोट से जुड़े लंबित मुद्दों का अविलंब समाधान करने की पुरजोर वकालत की। धरने के समापन पर अधिकारियों ने बैंक के अस्तित्व और कर्मचारियों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष करने का सामूहिक संकल्प लिया।
रोहित की रिपोर्ट