तिरंगा रैली में दहशत फैलाने वाले बाइकर्स पर पुलिस का एक्शन, 6 गिरफ्तार, अवैध हथियार जब्त
छितनावा-खासपुर मार्ग पर दहशत फैलाने वाले बाइकर्स गैंग के 6 युवकों को पुलिस ने किया गिरफ्तार। 4 देशी कट्टा, 6 कारतूस और 2 बाइक जब्त। वहीं गिरफ्तार छात्रों ने पुलिस पर लगाया बेकसूर फंसाने का आरोप।गिरफ्तार बदमाशों में जय-वीरू पर पूर्व से हत्या के दो माम
पटना जिले के मनेर के छितनावा-खासपुर मार्ग पर 15 अगस्त को निकाली गई तिरंगा रैली अचानक हिंसा और दहशत में बदल गई। दो दर्जन से अधिक बाइक सवार युवकों के गैंग ने रैली के नाम पर भारी उत्पात मचाया और खुलेआम फायरिंग की। अचानक हुई इस गोलीबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों व स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
पुलिस का एक्शन और 6 आरोपियों की गिरफ्तारी
घटना की जानकारी मिलते ही मनेर थाना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की। पुलिस बल को देखकर भाग रहे बदमाशों को खदेड़कर पकड़ा गया। इस दौरान पुलिस ने 6 युवकों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में छितनावां के आकाश, संटू, सतीश और जयविरु, ब्रह्मचारी गांव का गोलू तथा सुअरमरवा गांव का निखिल कुमार शामिल हैं।
भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद
पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से 4 देशी कट्टा, 6 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई 2 बाइक जब्त की हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक जय-विरु पर पहले से ही हत्या के दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।
थानाध्यक्ष का बयान और आगे की कार्रवाई
मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार ने बताया कि झंडोतोलन के बाद बाइक सवार बदमाश दहशत फैलाते हुए फायरिंग कर रहे थे। गुप्त सूचना के आधार पर तुरंत छापेमारी कर हथियार के साथ 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल गिरफ्तार युवकों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
पुलिस कार्रवाई पर छात्रों का बेकसूर होने का दावा
दूसरी तरफ, गिरफ्तार तीन युवकों (जो शेरपुर स्थित इंदर सिंह उच्च विद्यालय के छात्र हैं) ने पुलिस पर निर्दोष फंसाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वे अपने घर के पास गली में खड़े थे, तभी बदमाशों का पीछा करते हुए आई पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने वीडियो फुटेज देखकर छोड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में फुटेज दिखाए बिना ही उन्हें जेल भेज दिया।