Bihar News : समस्तीपुर की 'लेडी लीडर' का कमाल, मनियारपुर पंचायत बनी बिहार का गौरव, डिजिटल सेवा और स्वच्छता में पेश की मिसाल
Bihar News : समस्तीपुर की मनियारपुर पंचायत ने राज्य में मिसाल कायम किया है. जहाँ महिला लीडर के नेतृत्व में डिजिटल सेवा का विस्तार हुआ है......पढ़िए आगे
PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में बिहार ने बीते दो दशकों में ग्रामीण व पंचायती विकास और महिला सशक्तिकरण की नई गाथा लिखी है। इसी गाथा का जीवंत उदाहरण है, बिहार के समस्तीपुर जिले की मनियारपुर ग्राम पंचायत, जहां आज महिला नेतृत्व और सामुदायिक भागीदारी की एक मिसाल बन चुकी है। कभी बुनियादी सुविधाओं से जूझने वाला यह गांव अब स्वच्छता, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। इसके केंद्र में है पंचायत की मुखिया बेबी देवी, जिनके नेतृत्व ने यह साबित कर दिया कि अगर महिलाओं को अवसर और अधिकार मिले तो वह पूरे क्षेत्र की दशा और दिशा बदल सकती है।
विकास की नई परिभाषा
बेबी देवी के नेतृत्व शैली पारदर्शिता, सहभागिता और संवाद पर आधारित रही है। उन्होनें पंचायत को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जनता खास कर महिलाओं और युवाओं को निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनाया। महिला सभा के नियमित आयोजन किए, जहां उठी मुद्दों को ग्राम सभा तक ले जाना और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। पंचायत में स्कूलों का जीर्णोद्धार किया गया, और खासतौर पर बालिकाओं की शिक्षा पर ध्यान दिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों के सुधार और पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से मातृ व शिशु स्वास्थ्य में सुधार दिखने लगा है। महिला स्वयं सहायता समूह के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त किया गया। सिलाई, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर शिक्षा जैसे कौशल प्रशिक्षणों ने महिलाओं को रोजगार और स्वावलंबन का मूलमंत्र दिया। मनियारपुर पंचायत में ऑनलाइन प्रमाण पत्र प्रणाली और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं गांव में ही मिलने लगीं। इससे न केवल समय और पैसे की बचत हुई, बल्कि प्रशासन पर लोगों का भरोसा भी बढ़ा है।
स्वच्छता और पर्यावरण पर खास जोर
गांव में शौचालय निर्माण, कचरा प्रबंधन, नालियों की सफाई और वर्षा जल संचयन जैसी पहलों से मनियारपुर खुले में शौच से मुक्त पंचायत बन चुकी है। वृक्षारोपण अभियान और प्लास्टिक मुक्त ग्राम की पहल ने पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती दी है। किसानों को आधुनिक तकनीकी जानकारी, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान उपलब्ध कराए गए। इसका सीधा असर कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आय पर पड़ा।
सामाजिक सुधार और आधारभूत संरचना
तालाबों और नदियों पर छठ घाटों का निर्माण, सामुदायिक भवन, खेल मैदान, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और स्वास्थ्य उपकेंद्र जैसी संरचनाओं ने गांव की तस्वीर बदली है। महिला नेतृत्व के कारण बाल विवाह, दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी ठोस कदम उठाए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 2000 परिवारों को पक्का आवास मिलना इस विकास यात्रा की बड़ी उपलब्धि है।
अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा
मनियारपुर पंचायत में यह साबित कर दिया कि सरकार की दूरदर्शी विजन, महिला नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बन सकते हैं। आज यह मॉडल अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है, जिसे अपना कर शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में ठोस बदलाव लाया जा सकता है। मनियारपुर की कहानी केवल एक पंचायत की सफलता नहीं बल्कि उस सोच की जीत है जिसने महिलाओं को नेतृत्व का अवसर दिया, जिससे ग्रामीण बिहार की सकारात्मक तस्वीर उभरती चली गई।