SSC परीक्षा केंद्रों के चयन में भारी धांधली?CBI जांच झेल रही कंपनी को ठेका देने पर भड़का एसोसिएशन
बिहार के 5000 युवाओं के रोजगार पर संकट! ऑनलाइन एग्जाम सेंटर एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा।
पटना में आयोजित बिहार ऑनलाइन एग्जामिनेशन एसोसिएशन की इस संयुक्त प्रेस वार्ता ने एसएससी (SSC) की परीक्षा चयन प्रक्रिया और बड़े स्तर पर हो रहे कथित भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एसोसिएशन का आरोप है कि सरकारी नियमों के तहत करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद बिहार के स्थानीय केंद्रों को दरकिनार कर एक ऐसी कंपनी को लाभ पहुँचाया जा रहा है, जो पहले से ही जांच के घेरे में है।
30 स्थानीय सेंटरों के साथ 'धोखाधड़ी' का आरोप
एसोसिएशन के सचिव निशु निशांत ने बताया कि एसएससी ने पूर्व में बिहार के 30 ऑनलाइन केंद्रों का चयन किया था। सरकार और ईएंडवाई (E&Y) के तय मानकों को पूरा करने के लिए प्रत्येक सेंटर ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 30 लाख रुपये खर्च किए। लेकिन अब उन सेंटरों से काम छीनकर 'बापू परीक्षा केंद्र' और 'आदर्श परीक्षा केंद्र' जैसे चुनिंदा केंद्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

दागी कंपनी 'इनोवेटिव व्यू' और आशीष मित्तल पर निशाना
प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि इन केंद्रों के पीछे आशीष मित्तल की कंपनी 'इनोवेटिव व्यू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' का हाथ है। एसोसिएशन के अनुसार इस कंपनी पर पहले से ही CBI जांच और गबन के कई मुकदमे चल रहे हैं। इसी एक ही व्यक्ति को परीक्षा आयोजित करने और कैमरा मॉनिटरिंग (CCTV) दोनों की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे परीक्षा में भारी अनियमितता की आशंका है।
बजट में भारी अंतर और भ्रष्टाचार के आरोप
एसोसिएशन के सदस्य आलोक ने वित्तीय विसंगतियों को उजागर करते हुए कहा स्थानीय केंद्रों को प्रति कंप्यूटर 115 रुपये का भुगतान किया जाता था (जिसका बकाया अभी तक नहीं मिला है)।वहीं, आशीष मित्तल की कंपनी को 300 रुपये प्रति कंप्यूटर की दर से भुगतान किया जा रहा है।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ब्लैकलिस्टेड शहरों जैसे पूर्णिया, दरभंगा और छपरा में भी परीक्षा कराने की जिम्मेदारी इसी कंपनी को सौंपी गई है।
5000 परिवारों पर बेरोजगारी का खतरा
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि बिहार सरकार ने अपनी नीति नहीं बदली, तो स्थानीय सेंटर बंद हो जाएंगे, जिससे 5000 से अधिक लोग बेरोजगार हो जाएंगे। साथ ही, दागी कंपनियों के हाथों में परीक्षा सौंपने से बिहार के छात्रों का भविष्य चौपट हो सकता है। उनकी मांग है कि परीक्षाएं पहले की तरह सभी स्थानीय केंद्रों पर ही आयोजित की जाएं।संचालकों की स्पष्ट मांग है कि बिहार सरकार और संबंधित एजेंसियां पूर्व की भांति सभी स्थानीय केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित करें। प्रेस वार्ता में रवि रंजन कुमार, रणविजय कुमार, अजीत कुमार और कई अन्य सेंटर संचालकों ने एकजुट होकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और निष्पक्ष जांच की मांग की।