'नाच-गाना नहीं...तो क्या होगा, बाप का श्राद्ध था जो रोएं', FIR दर्ज होने पर गोपालगंज एसपी विनय तिवारी पर भड़के बाहुबली अनंत सिंह
2 मई को गोपालगंज के सेमरा गांव में मुखिया गुड्डू राय के पुत्र के उपनयन संस्कार में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। इस दौरान मोकामा के विधायक अनंत सिंह भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
Anant Singh : बिहार के गोपालगंज जिले में आयोजित एक उपनयन संस्कार समारोह अब बड़ा विवाद बन गया है। इस मामले में अनंत सिंह और पुलिस प्रशासन आमने-सामने नजर आ रहे हैं। अनंत सिंह ने सीधे तौर पर गोपालगंज एसपी विनय तिवारी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना वजह उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस की कार्रवाई पर हैरानी जताते हुए अनंत सिंह ने कहा कि जब आयोजन खुशियों वाला था तो वहां नाच-गाना क्यों नहीं हो, क्या वह कोई श्राद्ध कार्यक्रम था जो लोगों रोते।
दरअसल, 2 मई को मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरा गांव में मुखिया गुड्डू राय के पुत्र के उपनयन संस्कार में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। इस दौरान मोकामा के विधायक अनंत सिंह भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। समारोह के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिनमें कथित तौर पर हथियारों का प्रदर्शन, नोटों की बारिश और भोजपुरी गानों पर डांस का दृश्य दिख रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने सख्त रुख अपनाया है और मीरगंज थाना को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
इधर, अनंत सिंह ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वे एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, न कि किसी “नाच-गाना” कार्यक्रम में। उनका कहना है कि उन्हें सुरक्षा के तहत गार्ड और लाइसेंसी हथियार साथ रखने की अनुमति है और पूरे दौरे के दौरान पुलिस उनके साथ मौजूद थी।
अनंत सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई नियम है तो उसे स्पष्ट किया जाए—“हम कैसे जाएं, क्या पहनकर जाएं, गार्ड लेकर जाएं या नहीं, यह एसपी ही बता दें।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्होंने कोई गलत काम किया होता तो कार्रवाई समझ में आती, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में सब कुछ हुआ, फिर उन पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। एसपी विनय तिवारी पर भड़कते हुए कहा कि वही बता दें कि हम किसी आयोजन में कितने लोगों के साथ जाएं, सरकारी गार्ड और लाइसेंसी हथियार लेकर जाएं या नहीं। उन्होंने कहा कि वह एक जेनऊ का कार्यक्रम था न कि किसी के बाप का श्राद्ध था जो हम लोग वहां रोते।

उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में कुछ ऐसे लोग हैं जो बाहरी हैं। लेकिन वे भी लाइसेंसी हथियार लेकर पहुंचे थे। और अगर मांगलिक कार्यकम में नाच-गाना नहीं हो सकता है तो पुलिस साफ तौर पर इसे बता दें। एसपी विनय तिवारी इससे जुड़े निर्देशों को अख़बार में निकलवा दें।

रवि शंकर की रिपोर्ट