NEET student raped and died: आधी रात को प्रभात मेमेरियल हॉस्पीटल पहुंचे सांसद पप्पू यादव, खोला हॉस्पिटल का ये काला सच , प्रशासन से कर दिया सवालों की बौछार, मामले का कौन है कींग पीन अभिषेक , पढ़िए

पटना का शंभू गर्ल्स हॉस्टल अब सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि सवालों का अड्डा बन चुका है। रात के अंधेरे में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अस्पताल पहुंचे।

MP Pappu Yadav Exposes Hospital Secrets Grills Administratio
पप्पू यादव ने खोला शंभू गर्ल्स हॉस्टल का काला राज- फोटो : reporter

NEET student raped and died:  6 जनवरी की सुबह NEET की तैयारी कर रही छात्रा शंभू गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में बेहोश पाई गई। हालात मुबहम थे, फिज़ा में खौफ था, लेकिन कानून का पहरा गायब। हॉस्टल स्टाफ उसे पहले एक हॉस्पिटल, फिर दूसरे और आखिरकार तीसरे हॉस्पिटल लेकर गया, जहां 9 जनवरी को उसकी मौत हो गई। इन तीन दिनों में जो तफ्तीश होनी थी, वह नहीं हुई, और जो नहीं होना चाहिए था, वह बेधड़क चलता रहा।

पटना का शंभू गर्ल्स हॉस्टल अब सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि सवालों का अड्डा बन चुका है। छात्रा की रहस्यमयी मौत के बाद पुलिस के बयानों में विरोधाभास सामने आए। पहले सुसाइड की थ्योरी उछाली गई, फिर परिजनों ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर पूरे मामले को नई दिशा दे दी। बढ़ते दबाव के बीच पटना पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। आईजी जितेंद्र कुमार राणा खुद मोर्चे पर उतरे। उनके नेतृत्व में SIT, पटना एसपी कार्तिकेय शर्मा और अन्य वरिष्ठ अफसरों ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचकर दोबारा सघन जांच की।

मामले में प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम आते ही कहानी और स्याह हो गई। रात के अंधेरे में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों से मुलाकात तो नहीं हो सकी, लेकिन सिस्टम पर उनके सवाल गोलियों की तरह दागे गए। सांसद ने आरोप लगाया कि पटना में लॉज और निजी हॉस्पिटल बेलगाम हैं, जिनसे थानों तक “हिस्सा” पहुंचता है।

पप्पू यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अभिषेक रंजन सेक्स रैकेट चलाता है। सवाल उठाया कि छात्रा को उसी हॉस्पिटल में क्यों ले जाया गया, मेंदांता क्यों भेजा गया और उसे भर्ती कराने वाले कौन थे। उन्होंने शंभू गर्ल्स हॉस्टल की CCTV फुटेज, शुरुआती गलत पुलिस रिपोर्ट पर सस्पेंशन, मनीष रंजन की रिमांड और अभिषेक की गिरफ्तारी न होने पर भी सवाल खड़े किए।

सांसद ने यह भी पूछा कि किराए पर रहने वाला व्यक्ति 23 लड़कियों का हॉस्टल कैसे चला रहा है। नींद की गोली लड़की तक कैसे पहुंची, कौन लाया, और रात 11 बजे के बाद हॉस्टल के बाहर खड़ी बड़ी गाड़ियों में कौन लोग आते थे। यहां तक कहा कि क्या किसी नेता या उसके बेटे की संलिप्तता है, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

फिलहाल आईजी जितेंद्र कुमार राणा का कहना है कि जांच जारी है और SIT जल्द पूरे मामले का पर्दाफाश करेगी। लेकिन पप्पू यादव के तीखे सवाल और सिस्टम पर लगे इल्ज़ाम अब प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा बन चुके हैं।

रिपोर्ट- देवांशु प्रभात