Senior Citizen Scheme: नए साल में सीनियर सिटीजन को सरकार ने दी बड़ी राहत, 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों को मिलेंगे ये विशेष लाभ, बुढ़ापे को मिला हौसला और हिफ़ाज़त

Senior Citizen Scheme: उम्र के साथ जिस्म कमज़ोर होता है, लेकिन ज़रूरतें और परेशानियाँ बढ़ जाती हैं। सरकार ने सीनियर सिटीजन के लिए एक बड़ी और दूरगामी पहल का ऐलान किया है।...

New Year Relief for Senior Citizens Aged 60 Special Benefits
नए साल में सीनियर सिटीजन को बड़ी राहत- फोटो : X

Senior Citizen Scheme:बुज़ुर्ग किसी भी समाज की वह बुनियाद होते हैं, जिनके तजुर्बे, त्याग और मेहनत पर आज की इमारत खड़ी होती है। उम्र के साथ जिस्म कमज़ोर होता है, लेकिन ज़रूरतें और परेशानियाँ बढ़ जाती हैं। इसी सच्चाई को मद्देनज़र रखते हुए सरकार ने सीनियर सिटीजन न्यू अपडेट के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बड़ी और दूरगामी पहल का ऐलान किया है। सरकार का साफ़ पैग़ाम है कि जिन्होंने ज़िंदगी भर मुल्क और परिवार के लिए खून-पसीना बहाया, उन्हें बुढ़ापे में किसी मोहताजगी का सामना न करना पड़े।

इस अपडेट की सबसे अहम कड़ी है नया सीनियर सिटीजन कार्ड, जो महज़ एक पहचान पत्र नहीं बल्कि हक़ और सहूलियतों की चाबी होगा। यह कार्ड बुज़ुर्गों को स्वास्थ्य, यात्रा, पेंशन और बैंकिंग जैसी तमाम सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ देगा। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से बनने वाला यह कार्ड दफ्तर-दर-दफ्तर भटकने की मजबूरी को खत्म करेगा और एक पहचान, अनेक सुविधाएं के नारे को हक़ीक़त में बदलेगा।

सेहत के मसले पर सरकार ने सबसे ज़्यादा संजीदगी दिखाई है। 60 वर्ष से ऊपर के पात्र नागरिकों को मुफ्त इलाज की सहूलियत दी जाएगी। देहात और दूर-दराज़ इलाकों में मोबाइल हेल्थ यूनिट और टेलीमेडिसिन सेवाएं शुरू होंगी, ताकि बुज़ुर्ग घर बैठे जांच, दवा और डॉक्टर की सलाह हासिल कर सकें। यह कदम इलाज को आसान और सुलभ बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

सफ़र की दुश्वारियों को देखते हुए रेलवे, बस और हवाई यात्रा में 30 से 50 फ़ीसदी तक किराए में राहत देने का फ़ैसला किया गया है। धार्मिक यात्राओं के लिए अतिरिक्त मदद का भी ऐलान हुआ है, जिससे बुज़ुर्ग बिना बोझ महसूस किए अपनों से मिल सकें या तीर्थ यात्रा पर जा सकें।

माली सुरक्षा के मोर्चे पर पेंशन राशि बढ़ाने और बचत योजनाओं पर बेहतर ब्याज दरें तय करने का कदम उठाया गया है। इसके अलावा बैंकों में प्राथमिकता काउंटर और ज़िला स्तर पर क़ानूनी सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ संपत्ति विवाद, पेंशन और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में मुफ्त सलाह मिलेगी।

बहरहाल  बुज़ुर्गों को सिर्फ़ राहत नहीं, बल्कि इज़्ज़त, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का भरोसा देता है और यही किसी भी ज़िम्मेदार सरकार की असली पहचान है।