Bihar Bus Service:पटना से हर जिले के लिए चलेगी सरकारी बस, बिहार से दिल्ली समेत 6 राज्यों के लिए परिवहन विभाग चलाएगा बसे, समय जान लें

ट्रेन की भीड़, टिकट की मार और लंबी वेटिंग से जूझ रहे बिहारवासियों के लिए सरकार ने बड़ा दांव चल दिया है।

Government Buses from Patna to All Districts 6 States Includ
पटना से हर जिले के लिए चलेगी सरकारी बस- फोटो : social Media

Bihar Bus Service: बिहार की राजनीति में अब कनेक्टिविटी नया चुनावी नारा बनती दिख रही है। ट्रेन की भीड़, टिकट की मार और लंबी वेटिंग से जूझ रहे बिहारवासियों के लिए सरकार ने बड़ा दांव चल दिया है। अब दूसरे राज्यों में जाने के लिए लोगों को सिर्फ़ रेलवे के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि सड़क के रास्ते रियासत-ए-बिहार से देश के कोने-कोने तक बसों का जाल बिछाया जा रहा है। परिवहन विभाग ने 6 राज्यों और 60 से अधिक शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है।

इस सियासी फैसले के केंद्र में हैं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार, जिन्होंने ऐलान किया है कि 50 हजार से ज्यादा आबादी वाले प्रखंडों को हर हाल में बस सुविधा से जोड़ा जाएगा। उनका साफ़ कहना है कि बिहार के अलग-अलग जिलों से सीधे दूसरे राज्यों और बड़े शहरों के लिए बसें चलेंगी, ताकि आम जनता को राहत मिले और सफ़र आसान हो। इसी कड़ी में अगले दो महीनों के भीतर 150 नई बसें सड़कों पर उतरेंगी।

इस फैसले की खास बात यह है कि यह पूरा मॉडल पीपीपी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तर्ज पर तैयार किया गया है। परिवहन विभाग ने लगभग 650 बसों को पीपीपी मोड में चलाने के लिए निजी बस मालिकों से आवेदन मांगे हैं। पहले से ही करीब 1200 बसें इसी मॉडल पर चल रही हैं, जिससे यात्रियों को बड़ा फायदा मिल रहा है। जानकार मानते हैं कि बड़ी संख्या में बसें चलने से ट्रेन पर निर्भरता अपने आप कम होगी, जो सरकार के लिए भी सियासी तौर पर मुफीद है।

सबसे ज्यादा बसें झारखंड के लिए चलाई जाएंगी करीब 90 बसें। इसके अलावा यूपी के लिए 34, पश्चिम बंगाल के लिए 45, ओडिशा के लिए 16, छत्तीसगढ़ के लिए 28 और दिल्ली के लिए 10 बसें प्रस्तावित हैं। इतना ही नहीं, 400 नॉन एसी, 200 एसी और 50 लग्जरियस बसें भी चलाई जाएंगी। बिहार-नेपाल के बीच लग्जरियस बस सेवा की तैयारी भी सियासी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

कुल मिलाकर, यह फैसला सिर्फ़ परिवहन सुधार नहीं, बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव और विकास की सियासत का ऐलान है। अब बिहार की सड़कें सिर्फ़ सफ़र का रास्ता नहीं, बल्कि सरकार की नीयत और नीतियों की गवाही भी देंगी।