Patna Police: बिहार पुलिस का बड़ा ऑपरेशन अपग्रेड, पटना के इन 55 थानों में अब इंस्पेक्टर संभालेंगे कमान, अपराध पर नकेल कसने की तैयारी
Patna Police: बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा अपराध नियंत्रण की व्यवस्था को धारदार करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है।...
Patna Police: बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा अपराध नियंत्रण की व्यवस्था को धारदार करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। बेहतर पुलिसिंग, तेज कार्रवाई और प्रभावी निगरानी के उद्देश्य से राज्यभर के 217 थानों को अपग्रेड कर पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) श्रेणी में शामिल किया गया है। इस फैसले के तहत राजधानी पटना के 55 थानों को भी नई श्रेणी में स्थान दिया गया है, जहां अब थानेदार के रूप में केवल इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों की तैनाती होगी।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार यह निर्णय अपराध की प्रकृति, मामलों की संख्या और कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिन थानों में हर वर्ष औसतन 350 या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हो रहे हैं, उन्हें इस विशेष श्रेणी में शामिल किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती से अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की गुणवत्ता और प्रशासनिक निगरानी में उल्लेखनीय सुधार होगा।
पहले बिहार में इंस्पेक्टर कोटि के कुल 208 थाने थे, लेकिन 217 नए थानों को इस श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 425 हो गई है। इसे बिहार पुलिस के ढांचे में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
पटना जिले के जिन प्रमुख थानों को अपग्रेड किया गया है उनमें राजीव नगर, पत्रकारनगर, रूपसपुर, गौरीचक, गोपालपुर, धनरूआ, विक्रम, रानीतालाब, अथमलगोला, पुनपुन, सालिमपुर, मनेर, बिहटा, बहादुरपुर, मुसल्लहपुर, शाहपुर, पालीगंज, मसौढ़ी और खुसरूपुर जैसे थाने शामिल हैं। इन इलाकों को अपराध और कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
पुलिस महकमे के जानकारों का कहना है कि इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों के पास अधिक प्रशासनिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता और जांच संबंधी विशेषज्ञता होती है। ऐसे में संवेदनशील थानों में उनकी तैनाती से अपराधियों पर नकेल कसने, लंबित मामलों के निष्पादन और जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान में मदद मिलेगी।
बिहार में कुल 1382 पुलिस थाने हैं। इनमें महिला थाना, साइबर थाना, रेल थाना और अनुसूचित जाति-जनजाति से जुड़े विशेष थानों सहित 238 विशेष श्रेणी के थाने हैं, जबकि सामान्य श्रेणी के थानों की संख्या 1144 है।पुलिस मुख्यालय के इस फैसले को कानून का राज मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक पकड़ स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि थानों के इस अपग्रेडेशन का असर जमीनी स्तर पर अपराध नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा पर कितना पड़ता है।
रिपोर्ट- रंजीत कुमार