पटना में ₹1.5 करोड़ की ठगी करने वाला साइबर गैंग गिरफ्तार, गर्लफ्रेंड पर लुटाता था पैसे
पटना साइबर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के जकरियापुर स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी कर देश के कई राज्यों में ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।
पटना साइबर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र के जकरियापुर स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी कर देश के कई राज्यों में ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और आसान लोन पास कराने के नाम पर अपना शिकार बनाता था। गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी सह थानाध्यक्ष नीतीश चंद्र धारिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से दो अपराधियों को धर दबोचा।
नालंदा और नवादा के रहने वाले हैं आरोपी, मास्टरमाइंड है महज 10वीं पास
गिरफ्तार किए गए साइबर अपराधियों की पहचान नालंदा निवासी संजय कुमार और नवादा जिले के निवासी अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वह इन आरोपियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है। साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड संजय कुमार महज 10वीं पास है, जबकि उसका साथी अभिषेक कुमार पटना में रहकर जनरल कॉम्पिटिशन (प्रतियोगी परीक्षाओं) की तैयारी करता था। पढ़ाई की आड़ में दोनों मिलकर साइबर अपराध के इस बड़े नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे।

गर्लफ्रेंड पर लुटाए लाखों रुपये, डेढ़ करोड़ के ट्रांजेक्शन का खुलासा
पुलिसिया पूछताछ में मुख्य आरोपी संजय कुमार ने कबूला कि उसने साइबर ठगी से कमाए गए लाखों रुपये अपनी गर्लफ्रेंड पर पानी की तरह बहा दिए। पुलिस को संजय की गर्लफ्रेंड के बैंक खातों से लाखों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन के पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसकी अब गहनता से जांच की जा रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस गिरोह ने अब तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये के बैंक खातों में हेर-फेर किया है। यह गिरोह कर्नाटक, गुजरात और मुंबई (महाराष्ट्र) समेत देश के कई अन्य राज्यों के लोगों को भी अपना शिकार बना चुका था।
प्रलोभन देकर खुलवाते थे 'म्यूल अकाउंट', पुलिस अब खंगाल रही है पूरा नेटवर्क
पूछताछ के दौरान आरोपी संजय ने पुलिस को बताया कि वह भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच और प्रलोभन देकर उनके नाम पर फर्जी 'म्यूल अकाउंट' (दूसरों के बैंक खाते) खुलवाता था। इसके बाद देश भर से ठगी गई रकम को इन्हीं खातों में ट्रांसफर करवाया जाता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। फिलहाल साइबर पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तथा देशव्यापी नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।
रिपोर्ट - अनिल कुमार