Patna High Court News: आरा सिविल कोर्ट परिसर बम धमाके मामले में पटना हाई कोर्ट का बड़ा फैसला...लंबू शर्मा सहित अन्य अपराधियों को लेकर क्या हुआ...जानिए इस खबर में

Patna High Court News: आरा सिविल कोर्ट परिसर में बम धमाके मामले में गुरुवार को पटना हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने लंबू शर्मा सहित अन्य अपराधियों को लेकर फैसला सुनाया है...

पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट का बड़ा फैसला - फोटो : social media

Patna High Court News:  पटना हाईकोर्ट में आरा सिविल कोर्ट परिसर में  हुए बम धमाके में मृत्युदंड पाये लम्बू शर्मा व् अन्य सजायफ्तायों को बड़ी राहत दी है। लम्बू शर्मा को फांसी की सजा से मुक्त कर दिया लेकिन लम्बू शर्मा व अखिलेश उपाध्याय को जेल से भागने के मामलें में सजा बहाल रहेगा। पटना हाई कोर्ट ने अन्य सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा से मुक्त कर दिया है। इनके नाम चांद मियां, नईम मियां, रिंकू यादव, प्रमोद सिंह, श्याम विनय शर्मा व अंशु कुमार को आजीवन कारावास की सजा से बरी कर दिया।

कोर्ट ने किया आजीवन कारावास की सजा से बरी 

चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई पूरी कर 12फरवरी, 2026 को आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि सभी सजायाफ्ता को कोर्ट में ऑनलाइन उपस्थित रखा जाये। कोर्ट ने कहा कि सजा पाये लोग अदालती कार्यवाही में उपस्थित रहेंगे।

दो लोगों की हुई थी मौत 

कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया था  कि ये लोग विभिन्न जेलों में बंद है। इन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक वकील दिया जाये। ये वकील उन्हें कोर्ट में हो रही कार्यवाही और सुनवाई के सम्बन्ध में बताएंगे। 23 जनवरी, 2015 की आरा सिविल कोर्ट परिसर में एक महिला आत्माघाती ने स्वयं को बम विस्फोट से उड़ा दी और उस घटना में दो और लोगों की मौत हुई।

अपराधी को भगाने के लिए रची गई थी साजिश

इसका उद्देश्य अपराधी को भगाने का था।इस घटना में  कई लोग घायल भी हुए। इस अफरा तफरी का लाभ उठा कर अपराधी लम्बू शर्मा अन्य अपराधियों के साथ भाग गया। इस मामलें में जज अपर जिला व सेशन जज त्रिभुवन यादव ने 21 अगस्त 2019 को विभिन्न भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों व विस्फोटक अधिनियम के तहत लम्बू शर्मा को मृत्युदंड दिया। साथ ही बाइस हजार रुपए का आर्थिक दंड  लगाया।

जेल भागने के मामले में सजा बरकरार 

शेष सात को उम्रकैद की सजा दी गयी। इसमें चांद मियां,नईम मियां,अखिलेश उपाध्याय,रिंकू यादव,प्रमोद सिंह,श्याम विनय शर्मा व अंशु कुमार को हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने अखिलेश उपाध्याय को वयालिस हजार रुपए व अन्य सभी को चालीस हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया। निचली अदालत के इन आदेशों को चुनौती देते हुए पटना हाईकोर्ट में इन सजायफ्तायों ने अपील दायर की थी। कोर्ट ने जहाँ लम्बू शर्मा को फांसी की सजा से मुक्त किया। वहीं लम्बू शर्मा व अखिलेश उपाध्याय को जेल से भागने के मामलें मे सजा बरकरार रखा।