पटना हाई कोर्ट का नहीं हुआ आदेश पालन तो खूब जताई नाराजगी, स्वास्थ्य विभाग को चार सप्ताह का समय
पटना हाई कोर्ट ने लोकसभा चुनाव पूर्ण होने के बाद तीन माह के अंदर फार्मासिस्टों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव एवं निदेशक प्रमुख को दिया था।
Patna High Court : पटना हाई कोर्ट ने फार्मासिस्ट बहाली मामले में डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गनाइजेशन छात्र संघ के अध्यक्ष अरविंद कुमार द्वारा दायर अवमाननवाद याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस डॉक्टर अंशुमान की एकलपीठ ने अपने ही दिए गए आदेश का ससमय पालन नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने राज्य सरकार एवं बिहार तकनीकी सेवा आयोग को 4 सप्ताह के अंदर अपने पूर्व आदेश का पालन करते हुए बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा फार्मासिस्ट के 2473 पदों पर नियमित नियुक्ति हेतु चयन प्रक्रिया को पूर्ण करते हुए राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों एवं अस्पतालों में रिक्त पदों पर नियुक्त करने का आदेश दिया है।
चार सप्ताह के अंदर आदेश पालन नहीं होने की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग के सचिव एवं निदेशक प्रमुख को कोर्ट में उपस्थित होने को कहा है। अरविंद कुमार ने बताया कि राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों एवं अस्पतालों में मरीजों को सही दवा एवं उचित परामर्श मिले, इसके लिए अस्पतालों में फार्मासिस्टों की नियुक्ति जरूरी है। इसके विपरीत प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में फार्मासिस्टों की भारी कमी है।
पटना हाई कोर्ट ने लोकसभा चुनाव पूर्ण होने के बाद तीन माह के अंदर फार्मासिस्टों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने का आदेश स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव एवं निदेशक प्रमुख को दिया था। लेकिन आदेश का अनुपालन नहीं करने पर पुनः पटना हाई कोर्ट में अवमाननावाद याचिका दायर किया गया ।
बिहार तकनीकी सेवा आयोग द्वारा फार्मासिस्ट के 2473 पद पर चल रहे नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है, सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण हुए लगभग 2 माह बीत चुके हैं। लेकिन अभी तक फाइनल रिजल्ट आयोग के द्वारा प्रकाशित नहीं की गई है, अतः स्वास्थ्य विभाग से आग्रह है कि फार्मासिस्टों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूर्ण करते हुए नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाय। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री शशिभूषण सिंह ने पक्ष प्रस्तुत किया।