Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति और रजिस्ट्रार पर दिखाई सख्ती, नोटिस जारी कर कहा-क्यों न हो कार्रवाई

Bihar News : पटना उच्च न्यायालय ने बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर (बीआरए) बिहार विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अदालत के अंतरिम आदेश की कथित अवहेलना को बेहद गंभीरता से लिया है।

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पटना हाईकोर्ट की सख्ती - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना  हाईकोर्ट ने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोर्ट के अंतरिम आदेश की कथित अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति एवं रजिस्ट्रार के विरुद्ध कड़ी टिप्पणी की है।जस्टिस हरीश कुमार की एकलपीठ ने प्रथम दृष्टया माना कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की है।  उनका आचरण अवमानना की श्रेणी में आता है।

ये  मामला रवि चंद्रन एवं डॉ. राजेश कुमार चौधरी  द्वारा दायर दो अलग अलग याचिकाओं से संबंधित है। याचिकाकर्ताओं की  ओर से  वरीय अधिवक्ता आनंद कुमार ओझा ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में दिए गए अंतरिम संरक्षण के बावजूद विश्वविद्यालय ने डॉ. राजेश कुमार चौधरी का नाम नवीनीकृत अतिथि शिक्षकों  की सूची से हटा दिया तथा उनकी जगह दूसरे व्यक्ति का नाम शामिल कर दिया। 

बाद में उन्हें केवल "वेटिंग फॉर पोस्टिंग" सूची में रखा गया।सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से अधिवक्ता ने  जवाब दायर   करने के लिए समय की मांग की। इस पर कोर्ट ने कहा कि उपलब्ध अभिलेखों से प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने न्यायालय के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन किया है। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा एवं कारण बताओ नोटिस का उत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया है  कि क्यों नहीं  उनके विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई शुरू  की जाए । 

मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त, 2026 को फिर होगी।