Patna High Court : पटना हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन, सहरसा MDM फूड प्वाइजनिंग कांड पर कोर्ट ने खुद लिया संज्ञान, SP और FSL से मांगी रिपोर्ट, इस दिन होगी अगली सुनवाई

Patna High Court : सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित राजकीय मध्य विद्यालय, बलुआहा में मिड-डे-मील खाने से 150 से अधिक बच्चों के बीमार होने के मामले को पटना हाईकोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है..पढ़िए आआगे

Patna High Court : पटना हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन, सहरसा MDM फू
MDM में गड़बड़ी पर संज्ञान - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने सहरसा जिले के महषि प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय, बलुआहा में  मिड डे मील खाने के बाद  150 से भी अधिक छात्रों  के तबीयत खराब होने पर सख्त रुख अपनाया। जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने इस गम्भीर मामलें पर स्वयं संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए  एस पी,सहरसा को अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। भागलपुर के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री को कोर्ट ने कहा कि जो भी सैंपल जांच के लिए लम्बित  है,उनका रिपोर्ट जल्द दे। कोर्ट ने सहरसा के खाद्य आपूर्ति अधिकारी व खाद्य विश्लेषक, अगमकुॅआ को अगली सुनवाई में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।  साथ ही सम्बन्धित एनजीओ को पार्टी बनाने को कहा।

कोर्ट ने भारतरत्न डा. भीमराव अम्बेडकर दलित उत्थान एवं  शिक्षा समिति, बलुआहा चौक, ,Lahour  को भी पार्टी  बनाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने डायरेक्टर, एम डी एम/ पी एम पोषण से स्थिति सपष्ट करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी,सहरसा ने बताया कि  189 बच्चों को अस्पताल में ईलाज के लिए भर्ती कराया गया।ठीक होने के बाद  उन्हें  अस्पताल से छुट्टी दिया गया।68795 स्कूल मध्यान्ह भोजन  की योजना  चलायी जा रही। यह योजना क्लास एक से ले कर क्लास आठ तक के लिए ये योजना  है।

इस  स्कूल में  डेढ सौ से भी अधिक बच्चों ने मिड डे मील खाने के बाद बीमार पड़ गये। उन्होनें  पेट दर्द, उल्टी, चक्कर आने की शिकायत की। उन्हें स्थानीय अस्पताल  में ले जाया गया। करीब सौ से अधिक बच्चों को सहरसा सदर अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मिड डे मील मे सांप का बच्चा  या कोई जहरीला कीड़ा  पड गया था। इसी भोजन को करने से बच्चों तबीयत बिगड़ गई। 

प्रशासन  ने त्वरित कार्रवाई करते हुए  भोजन के सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री भिजवाया। साथ ही प्रशासन नेजिम्मेदार  हेडमास्टर को निलंबित  किया। साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराया गया। डाक्टरों ने बताया कि सभी बच्चे खतरे से बाहर है। बहुत सारे बच्चों का ईलाज  स्थानीय अस्पताल में हो गया। लेकिन सौ से अधिक बच्चों का ईलाज सहरसा सदर अस्पताल में हुआ। इस मामलें की अगली सुनवाई 2  जून ,2026 को होगी।