रिश्वतखोर आयकर कर्मी को हाई कोर्ट से बड़ा झटका! 600 रुपये के चक्कर में गंवानी पड़ी आजादी, सरेंडर करने का आदेश
पटना हाई कोर्ट ने 600 रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी टैक्स असिस्टेंट की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने सीबीआई द्वारा दी गई एक साल की सजा को बरकरार रखते हुए आरोपी को आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
Patna - पटना हाई कोर्ट ने आयकर अधिकारी की सजा को बरकरार रखते हुए बाकी के सजा काटने के लिए उसे आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।जस्टिस आलोक कुमार पांडेय की एकलपीठ ने टैक्स असिस्टेंट राम नारायण सिंह की ओर से दायर आपराधिक अपील पर सुनवाई के बाद राहत देने से इंकार करते हुए अपील को रद्द कर दिया।कोर्ट ने सीबीआई कोर्ट की ओर से दी गई सजा के बाकि बचे सजा को काटने के लिए आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि सहारा इंडिया में कार्यरत कर्मी की कुल आय से 5826 रुपये की राशि कर के रूप में काटी गई थी।इसे वापस पाने के लिए टीडीआर फार्म जमा किया।वार्ड-1, सासाराम के कर सहायक के पद पर तैनात अपीलकर्ता ने 5,826 रुपये की वापसी के लिए 10 प्रतिशत की दर से 600 रुपये की राशि की मांग की।
इसकी लिखित शिकायत 16 मार्च 2011 को सीबीआई से की गई।सीबीआई ने लिखित सूचना सीबीआई ने जाल बिछा कर अधिकारी को घुस की रकम के साथ गिरफ्तार किया। पटना सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने 29 नवम्बर, 2024 को दोषी करार दिया और एक वर्ष की कठोर कारावास की सजा दी।साथ ही 2 हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया।
इसी आदेश को हाई कोर्ट में अपील दायर कर चुनौती दी गई थी।लेकिन हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता के अपील को कोर्ट ने रद्द करते हुए कोई राहत नहीं दिया।