Patna Student Protest: NEET पेपर लीक पर भड़की हिंसा, 500 पर FIR और 40 हिरासत में, पुलिस की राडार पर YouTubers और सोशल मीडिया
पटना में नीट पेपर लीक के विरोध में छात्रों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 500 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की है। 40 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब हिंसा के पीछे की साजिश, CCTV फुटेज और YouTubers की भूमिका की जांच कर रही है।
पटना में NEET परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में छात्र और अभ्यर्थी बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतर आए। नीट परीक्षा को रद्द करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि, इस दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और शांतिपूर्ण दिख रहा प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।
प्रतिबंधित क्षेत्र में बढ़ने पर भड़की हिंसा और लाठीचार्ज
पुलिस के अनुसार, स्थिति तब बिगड़ी जब प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रतिबंधित इलाके की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस के वाहनों पर पथराव किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई छात्र व पुलिसकर्मी घायल हो गए।
उपद्रवियों पर पुलिस का बड़ा एक्शन: 500 अज्ञात पर FIR
प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को पहुँचाए गए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए पटना पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। शहर के कोतवाली, गांधी मैदान और सचिवालय थानों में करीब 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई लगातार जारी है।
40 लोग हिरासत में, CCTV और फुटेज से पहचान जारी
मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक 40 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। पटना के एसएसपी का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्व भीड़ में शामिल हो गए थे, जिन्होंने माहौल को भड़काने का काम किया। फिलहाल पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और वीडियोग्राफी की गहनता से जांच कर रही है ताकि अन्य उपद्रवियों की सटीक पहचान की जा सके।
हिंसा के पीछे साजिश की आशंका, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया रडार पर
पुलिस अब इस पूरे बवाल के पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना की भी जांच कर रही है। इस मामले में कुछ प्रमुख यूट्यूबर्स (YouTubers) और सोशल मीडिया अकाउंट्स को जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस को अंदेशा है कि अफवाहें फैलाकर और भड़काऊ सामग्री शेयर करके भीड़ को उकसाया गया था। जांच पूरी होने के बाद इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की भूमिका पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।