पटना में चेन स्नैचरों की आएगी सामत, बढ़ते अपराध पर पुलिस का नया एक्शन, आईजी जितेंद्र राणा ने जारी किया फरमान

थानों में परेड कराने का उद्देश्य यह संदेश देना है कि ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

IG Jitendra rana on Chain Snatching
IG Jitendra rana on Chain Snatching- फोटो : news4nation

 राजधानी पटना में लगातार बढ़ रही चेन स्नैचिंग और झपटमारी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने अब नई रणनीति तैयार की है। पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा के निर्देश पर सभी सिटी एसपी को आदेश दिया गया है कि पकड़े जाने वाले चेन स्नैचरों और झपटमारों की संबंधित थानों में सरेआम परेड कराई जाएगी। पुलिस का मानना है कि इससे अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा होगा और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजधानी में बाइक सवार बदमाशों द्वारा महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग और मोबाइल झपटमारी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अब केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराधियों की सार्वजनिक पहचान कराकर उन्हें सामाजिक संदेश देने की भी तैयारी है।


अपराधियों में डर पैदा करना मकसद

पुलिस का कहना है कि चेन स्नैचिंग और झपटमारी जैसी घटनाओं में शामिल अपराधी अक्सर जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा वारदातों को अंजाम देते हैं। ऐसे में उनकी थानों में परेड कराने का उद्देश्य यह संदेश देना है कि ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इसके साथ ही सभी थाना क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे गिरोहों की पहचान और गिरफ्तारी के निर्देश भी दिए गए हैं।


हॉटस्पॉट इलाकों पर विशेष नजर

पुलिस ने उन इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं जहां चेन स्नैचिंग की घटनाएं अधिक होती हैं। प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले मार्गों, मॉर्निंग और इवनिंग वॉक रूट, धार्मिक स्थलों तथा महिलाओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल और बाइक पेट्रोलिंग तैनात की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी निगरानी की मदद से भी अपराधियों की पहचान तेज करने पर जोर दिया गया है।


क्या कहते हैं आंकड़े?

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) अलग से "चेन स्नैचिंग" का डेटा प्रकाशित नहीं करता। ऐसे मामले आमतौर पर लूट (Robbery) या स्नैचिंग जैसी श्रेणियों में दर्ज किए जाते हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर भी राजधानी में स्नैचिंग की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ी है। पिछले वर्ष जनवरी से मई के बीच पटना में 33 स्नैचिंग की घटनाएं दर्ज होने का उल्लेख पुलिस अधिकारियों ने किया था।


लगातार अभियान चलाने की तैयारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में चेन स्नैचिंग और झपटमारी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। आदतन अपराधियों का सत्यापन, संदिग्धों की निगरानी, सीसीटीवी फुटेज की नियमित समीक्षा और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने जैसे कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि राजधानी में इस तरह की वारदातों पर प्रभावी रोक लगाना और लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।

रंजीत की रिपोर्ट