NEET पेपर लीक पर पटना में संग्राम जारी, गांधी मैदान से राजभवन तक बवाल, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

Patna Protest: NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना में छात्र आंदोलन तेज हो गया है।

Patna Protests Continue Over NEET Leak Students Demand Actio
NEET पेपर लीक पर पटना में संग्राम जारी- फोटो : social Media

Patna Protest: NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। छात्र संगठन AISA ने गुरुवार से गांधी मैदान में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखेगा और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।

इससे पहले बुधवार को प्रदर्शनकारी छात्रों ने गांधी मैदान से राजभवन घेराव के लिए मार्च निकाला। छात्रों के इस मार्च को रोकने के लिए प्रशासन ने जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे समेत कई जगहों पर सुरक्षा घेरा और बैरिकेडिंग की थी। लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ गए और मुख्यमंत्री आवास तथा राजभवन के हाई सिक्योरिटी जोन के करीब पहुंच गए।

स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने छात्रों को रोकने और हटाने की कोशिश की। काफी देर तक चली नोकझोंक के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कई छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए, जिन्हें पुलिस ने उठाकर हिरासत में लिया।

लाठीचार्ज के बाद भी आंदोलनकारी पीछे नहीं हटे और दोबारा डाकबंगला चौराहे पर जुट गए। यहां प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों पर पत्थरबाजी करने और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ के आरोप लगे हैं। पुलिस के अनुसार, पत्थरबाजी में कई जवान घायल हुए, जिनमें कुछ के सिर पर गंभीर चोटें आईं।

छात्रों का आरोप है कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पटना में जारी इस छात्र आंदोलन ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जबकि छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं।