Patna NEET student death: शंभू हॉस्टल रेप-मौत केस में जांच की आंच तेज, डॉ सहजानंद के नर्सिंग होम में SIT की दबिश, पप्पू यादव बोले-आरोपी मनीष रंजन सेक्स रैकेट चलाता है, सीबीआई जांच की मांग तेज

Patna NEET student death: पटना के शंभू हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा के रेप-मौत कांड ने सिस्टम की परतें उधेड़नी शुरू कर दी हैं।अब SIT की जांच, सियासी दबाव और लगातार खुलासे इस केस को उस मोड़ पर ले आए हैं, जहां हर कदम पर सवाल है...

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डॉ सहजानंद के नर्सिंग होम में SIT की दबिश- फोटो : reporter

Patna NEET student death: पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा के रेप-मौत कांड ने अब सियासी, प्रशासनिक और सिस्टम की परतें उधेड़नी शुरू कर दी हैं। रविवार को इस हाई-प्रोफाइल केस में गठित SIT की टीम सहज सर्जरी नर्सिंग होम पहुंची और घंटों तफ्तीश की। टीम ने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों, काउंटर स्टाफ और कर्मचारियों से पूछताछ कर शुरुआती इलाज से जुड़ी हर कड़ी को खंगाला।

यही वह नर्सिंग होम है, जहां सबसे पहले पीड़िता को भर्ती कराया गया था। अस्पताल का संचालन डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह करते हैं, जो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। SIT इस बात की पड़ताल कर रही है कि इलाज के दौरान क्या-क्या मेडिकल फैसले लिए गए, किस हालात में छात्रा को दूसरे अस्पताल रेफर किया गया और क्या किसी स्तर पर सच्चाई को दबाने की कोशिश हुई।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, सियासत भी उबाल पर है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “बिहार की लॉ एंड ऑर्डर का जनाज़ा निकल चुका है। मुख्यमंत्री की चुप्पी आपराधिक है।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक छात्रा के साथ दरिंदगी और मौत जैसा संगीन मामला सामने है, तो सत्ता क्यों खामोश है।

वहीं VIP प्रमुख मुकेश सहनी ने सीधे केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर दी है। उनका कहना है कि बिहार पुलिस पर भरोसा नहीं रहा और इस केस में बड़े लोगों को बचाने की बू आ रही है।

सबसे तीखे और सनसनीखेज आरोप पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने लगाए हैं। शनिवार रात वे प्रभात मेमोरियल अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से बातचीत करने की कोशिश की। डॉक्टर्स से बातचीत तो नहीं हो सकी,  बाहर निकलकर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने खुला इल्ज़ाम लगाया कि “आरोपी मनीष रंजन सेक्स रैकेट चलाता है और सफेदपोशों व नेताओं तक लड़कियां पहुंचाने का काम करता है।”

पप्पू यादव ने दावा किया कि एक डॉक्टर ने उन्हें बताया कि इलाज के दौरान छात्रा होश में आई थी, लेकिन उसे जबरन वेंटिलेटर पर डाल दिया गया। परिवार के सदस्यों को मनीष रंजन के गार्ड ने उलझाकर रखा ताकि वह बच सके। सांसद ने आरोप लगाया कि शुरू से ही पुलिस ने रसूखदारों को बचाने का खेल खेला है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब डॉक्टर सहजानंद शर्मा ने बच्ची को देखा, तो उन्होंने क्यों मामले को हल्का दिखाने और बरगलाने की कोशिश की। पप्पू यादव ने साफ कहा कि यह केस अब बिहार पुलिस के बस का नहीं और इसकी निष्पक्ष जांच CBI से ही होनी चाहिए।

अब SIT की जांच, सियासी दबाव और लगातार खुलते आरोप इस केस को उस मोड़ पर ले आए हैं, जहां हर कदम पर सवाल है...