NEET Student Rape Death: बिहार की बेटियां असुरक्षित... शंभू गर्ल्स हॉस्टल में परिजनों के साथ पहुंची कई छात्राएं, कमरे में सामान बंद रखने का लगाया आरोप, नहीं रहना है यहां...

NEET Student Rape Death: बिहार की बेटियां असुरक्षित हैं, एक बच्ची नहीं सभी बच्ची असुरक्षित हैं..अपनी बच्चियों को ऐसे माहौल में पढ़ाने से अच्छा है कि हम उन्हें अनपढ़ ही रख लें। ये कहना है शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही छात्राओं के परिजनों का...

परिजनों का आरोप
हॉस्टल से सामान लेने पहुंची छात्राएं - फोटो : reporter

NEET Student Rape Death: राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में हर दिन बड़ा खुलासा हो रहा है। इसी बीच आज शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर बड़ी संख्या में छात्राएं अपने परिजनों के साथ पहुंची। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उनके सामान को हॉस्टल में बंद रखा गया है। छात्राएं अपने सामानों को वापस ले जाने के लिए लगातार हंगामा कर रही है। वहीं मौके पर मौजूद परिजनों ने भी जबरदस्त हंगामा कर रहे हैं। छात्राओं का कहना है कि उनका 2 फरवरी से एग्जाम है और उनके सभी किताब, नोट्स यहां तक की लेबटॉप भी हॉस्टल के कमरे में बंद है। ऐसे में उनको परीक्षा की तैयारी करने में दिक्कत हो रही है। छात्राओं का कहना है कि उनको उनका सारा सामान वापस दिया जाए। 

पटना के किसी भी हॉस्टल पर भरोसा नहीं 

वहीं परिजनों का कहना है कि वो अपनी बेटी को अनपढ़ रख लेंगे लेकिन ऐसे जगहों पर पढ़ाई के लिए नहीं भेजेंगे। परिजनों का कहना है कि अब उन्हें पटना के किसी भी हॉस्टल पर भरोसा नहीं है। हालांकि हॉस्टल पहुंची लड़कियों ने मृतका को पहचाने से इनकार कर दिया। परिजनों का साफ कहना है कि वो अपनी बेटी को पटना में नहीं रखेंगे। बिहार के अलग अलग जिलों से छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ पहुंची हैं। इस दौरान मौके पर पुलिस अधिकारियों की गैर मौजूदगी भी रही। 

परिजनों का हंगामा 

गश्ती दल में शामिल एक सिपाही मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि, वो भीड़ देखकर आए हैं वो गश्ती दल पर हैं और यहां गश्ती करते हुए आए हैं। सिपाही ने परिजनों से कहा कि वो सभी थाना चले। वहीं परिजन अपने बच्चों के सामान को लेकर जाने की जिद्द पर अड़े हैं। परिजनों ने कहा कि, उनकी बच्चियों का करियर खराब हो रहा है। कहते हैं कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ लेकिन कैसे हमलोग बेटी पढ़ाए और बेटी बचाए। हमलोगों के बच्चों की

बेटियां अनपढ़ रहे मंजूर लेकिन...

एक महिला ने कहा कि बेटियां अनपढ़ रह लेंगी लेकिन ये सब बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि, हॉस्टल लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है एक बेटी या बिहार की कोई बेटी सुरक्षित नहीं है। हमलोग अपनी बच्चियों को वापस घर लेकर जाएंगे। परिजनों ने प्रशासन और प्रबंधन से गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी बेटियां हॉस्टल में सुरक्षित नहीं हैं। उनका आरोप है कि जिस जगह पर छात्राओं को सुरक्षित माहौल और बेहतर शिक्षा मिलनी चाहिए, वहां उन्हें मानसिक प्रताड़ना और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।

पटना से अनिल की रिपोर्ट