ये पटना है मेरी जान! दीदारगंज टोल प्लाजा पर ट्रैफिक पुलिस का स्टिंग, कैमरे पर तय हुआ घूस का 'मंथली रेट'

खाकी शर्मसार! पटना में ₹100 रोज की घूस पर पास हो रहे थे ट्रक, स्टिंग ऑपरेशन में ट्रैफिक जवान बेनकाब।दीदारगंज हाईवे पर ट्रैफिक संभालने के बजाय महीनों से चल रहा था नोट छापने का खेल। फैक्ट्री कर्मी बनकर पहुंचे पत्रकार के सामने खुद सिपाही ने तय किया

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दीदारगंज टोल प्लाजा पर ट्रैफिक पुलिस का स्टिंग, कैमरे पर तय हुआ घूस का 'मंथली रेट' - फोटो : news 4 nation

राजधानी पटना के दीदारगंज टॉल प्लाजा स्थित नेशनल हाईवे पर यातायात व्यवस्था संभालने के बजाय ट्रैफिक पुलिस द्वारा अवैध उगाही का एक बड़ा खेल उजागर हुआ है। सड़कों पर तैनात कुछ जवानों को नियम-कानून से ज्यादा मालवाहक गाड़ियों का इंतजार रहता है, ताकि उन्हें डरा-धमकाकर पैसे की वसूली की जा सके। स्थानीय लोगों और हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जब इस पूरे नेक्सस (गठबंधन) की पड़ताल की गई, तो खाकी की आड़ में चल रहा यह भ्रष्टाचार कैमरे पर पूरी तरह बेनकाब हो गया।


स्टिंग ऑपरेशन में फंसे ट्रैफिक जवान, ऐसे तय हुआ ट्रकों का 'मंथली रेट'

एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन के दौरान दीदारगंज में तैनात ट्रैफिक जवान अमित कुमार ट्रकों के सुरक्षित परिचालन के बदले 'मंथली' (मासिक घूस) की बात करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। जब संवाददाता ने एक फैक्ट्री वर्कर बनकर उनसे मुलाकात की और पूछा कि उनकी गाड़ियां बिना किसी परेशानी के कैसे गुजर सकती हैं, तो जवान अमित कुमार ने बिना किसी झिझक के सीधे मंथली फिक्स करने का प्रस्ताव दे दिया। बातचीत में यह साफ हो गया कि वहां बकायदा दो शिफ्टों में इस अवैध वसूली के धंधे को संचालित किया जाता है।


छह हजार रुपये महीना और गाड़ियां पास, वाट्सएप पर नंबर लिस्ट की डील

ट्रैफिक जवान अमित कुमार ने संवाददाता से पूछा कि उनकी कुल कितनी गाड़ियां चलती हैं, जिस पर 5 से 6 ट्रकों की बात कही गई। इसके बाद जवान ने प्रति ट्रक 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 6,000 रुपये प्रति महीना का रेट तय किया। डील पक्की करते हुए जवान ने कहा कि सभी गाड़ियों के नंबरों की लिस्ट उन्हें सौंप दी जाए; जिसके बाद उनके पास आते ही ट्रकों को बिना किसी चेकिंग के छोड़ दिया जाएगा। जवान ने आश्वस्त किया कि वह चौराहे पर तैनात बाकी स्टाफ को भी इसके बारे में बोल देगा ताकि कोई दिक्कत न हो।


वीवीआईपी मूवमेंट को छोड़कर हर वक्त नो-टेंशन, मिली अन्य जगहों की नसीहत

अवैध डील के दौरान ट्रैफिक जवान अमित कुमार ने यह भी साफ कर दिया कि केवल मुख्यमंत्री के काफिले या किसी अन्य वीवीआईपी मूवमेंट के समय ही गाड़ियों को रोका जाएगा, इसके अलावा उन्हें पूरे इलाके में कोई परेशानी नहीं होगी। हालांकि, जवान ने अपनी सीमा से बाहर के लिए एक नसीहत भी दे दी कि यह सेटिंग सिर्फ इसी दीदारगंज पॉइंट के लिए है, बाकी अन्य जगहों पर क्या चलता है और वहां कैसे मैनेज करना है, यह तो मालिक लोग जानते ही होंगे।


रॉन्ग साइड का खेल और ड्राइवरों का दर्द; 50 रुपये में बिकती ईमानदारी

जब इस संबंध में हाईवे से गुजरने वाले कई ट्रक ड्राइवरों से बात की गई, तो उन्होंने इस वसूली की पूरी कलई खोलकर रख दी। ड्राइवरों ने बताया कि दीदारगंज चौराहे पर रॉन्ग साइड (गलत दिशा) से सुरक्षित निकलने के लिए प्रति ट्रक 100 से 200 रुपये तक की अवैध वसूली हर रोज होती है; जो पैसा दे देता है उसकी गाड़ी पार हो जाती है और जो मना करता है उसे घंटों परेशान किया जाता है। यह स्थिति दर्शाती है कि हजारों रुपये की सरकारी सैलरी पाने वाले कुछ पुलिसकर्मी चंद रुपयों के लिए बिक जाते हैं और अवैध तरीके से महीने के लाखों रुपये डकार रहे हैं।