विधानसभा की दहलीज पर PK का पहला बयान, शपथ लेते ही बोले-तय हो लखीसराय कांड पर जिम्मेदारी

Bihar Politics: शपथ के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने जहां सदन की गरिमा और अपने राजनीतिक आदर्शों का जिक्र किया, वहीं लखीसराय के अशोक धाम हादसे को लेकर भी बड़ा बयान दिया।

PK Takes Oath as MLA Demands Accountability Over Lakhisarai
विधानसभा की दहलीज पर PK का पहला बयान- फोटो : reporter

Bihar Politics: बांकीपुर से नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेकर अपनी सियासी पारी का औपचारिक आगाज कर दिया। शपथ के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने जहां सदन की गरिमा और अपने राजनीतिक आदर्शों का जिक्र किया, वहीं लखीसराय के अशोक धाम हादसे को लेकर भी बड़ा बयान दिया।विधायक पद की शपथ लेने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि श्रीकृष्ण बाबू, केदार पांडे, नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, सुशील कुमार मोदी और रामविलास पासवान जैसे दिग्गज नेता इस सदन के सदस्य रह चुके हैं। ऐसे नेताओं के बाद उसी सदन का सदस्य बनना उनके लिए गौरव की बात है।प्रशांत किशोर ने कहा कि जिन महापुरुषों का उन्होंने नाम लिया है, उनके आदर्शों पर चलने और जनता के लिए काम करने की कोशिश करेंगे। उनके बयान से साफ है कि विधानसभा में उनकी भूमिका सिर्फ राजनीतिक मौजूदगी तक सीमित नहीं रहने वाली, बल्कि वह अपने लिए एक अलग सियासी पहचान बनाने की कोशिश करेंगे।

लखीसराय हादसे पर बोले- पूरी जानकारी के बाद बोलूंगा

बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम में सावन की तीसरी सोमवारी के दौरान हुए दर्दनाक हादसे पर प्रशांत किशोर ने कहा कि वह कुछ ही देर में घटनास्थल के लिए निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले वह पूरी घटना की जानकारी लेंगे, इसके बाद ही इस मामले पर विस्तार से बोलेंगे।प्रशांत किशोर ने साफ कहा कि हादसे में किसकी गलती है, यह जानकारी जुटाने के बाद ही वह अपनी बात रखेंगे। उनके इस बयान को सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय करने की मांग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।मुख्यमंत्री की चुप्पी से जुड़े सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री को बोलना चाहिए। लखीसराय हादसे को लेकर सरकार और प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बीच प्रशांत किशोर के इस बयान ने सियासी बहस को और हवा दे दी है।

डस्टबिन मामले में भी PK ने साधी सावधानी

डस्टबिन मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्हें इस विषय में अभी मीडिया के जरिए जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले की जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं और तथ्यों को समझने के बाद ही इस पर कोई बयान देंगे।

प्रशांत किशोर का यह रुख बताता है कि विधानसभा में शपथ लेने के पहले ही दिन वह बिना पूरी जानकारी के किसी मुद्दे पर अंतिम टिप्पणी करने से बच रहे हैं। खासकर लखीसराय जैसे संवेदनशील मामले में उन्होंने पहले घटनास्थल पर जाकर स्थिति समझने की बात कही। बांकीपुर की चुनावी जीत के बाद विधानसभा में पहली बार पहुंचे प्रशांत किशोर के सामने अब चुनावी वादों को सदन की राजनीति में बदलने की चुनौती है। शपथ के साथ उन्होंने अपने सियासी सफर का नया अध्याय शुरू कर दिया है। अब देखना होगा कि जन सुराज के सूत्रधार से विधायक बने PK सदन में जनता की आवाज कितनी मजबूती से उठाते हैं और सरकार को किन मुद्दों पर घेरते हैं।

रिपोर्ट- नरोत्तम कुमार सिंह