Anant Singh: छोटे सरकार पर पुलिस ने कसा शिकंजा, वायरल डांस वीडियो कांड में फंसे मोकामा विधायक को 15 मई तक हाजिर होने का आदेश

Anant Singh: अनंत सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गोपालगंज पुलिस ने वायरल हथियार डांस वीडियो मामले में अब शिकंजा और कस दिया है।...

Police Tighten Grip on Anant Singh in Viral Arms Video Case
छोटे सरकार पर पुलिस ने कसा शिकंजा- फोटो : reporter

Anant Singh: अनंत सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गोपालगंज पुलिस ने वायरल हथियार डांस वीडियो मामले में अब शिकंजा और कस दिया है। पुलिस ने अनंत सिंह समेत कुल 9 लोगों को नोटिस जारी कर 15 मई तक मीरगंज थाने में उपस्थित होकर अपने हथियार और लाइसेंस की जांच कराने का निर्देश दिया है।

गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि नोटिस जारी कर सभी आरोपियों को हथियारों का सत्यापन कराने और अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।

दरअसल, 3 मई को एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान खुलेआम हथियार लहराने और अश्लील डांस कराने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। आरोप है कि कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मंच के सामने हथियारों का प्रदर्शन किया, जिससे सार्वजनिक शांति और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनंत सिंह, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह समेत 9 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी।

मामले को लेकर कोर्ट में भी हलचल तेज है। गोपालगंज की एडीजे-1 अदालत में अनंत सिंह और अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। करीब एक घंटे चली बहस के बाद अदालत ने मामले को ऑर्डर पर रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख 15 मई तय कर दी। हालांकि अनंत सिंह को फिलहाल राहत नहीं मिली है और मामला MP/MLA कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है।

बचाव पक्ष की ओर से पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन और वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने दलील पेश करते हुए कहा कि वायरल वीडियो AI जनरेटेड प्रतीत होता है। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि वीडियो में एडिटिंग और मिक्सिंग की आशंका है तथा दो अलग-अलग वीडियो को जोड़कर प्रसारित किया गया हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम में अनंत सिंह और गुंजन सिंह महज मेहमान के तौर पर मौजूद थे।

बचाव पक्ष ने अदालत से गिरफ्तारी पर रोक लगाने और अंतरिम राहत देने की मांग की है। वहीं पुलिस इस मामले को आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक मर्यादा के उल्लंघन से जोड़कर गंभीरता से जांच कर रही है। पूरे बिहार की नजर अब इस हाईप्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।

रिपोर्ट- नमो नारायण मिश्रा