Shambhu Girls Hostel: नीट छात्रा की मौत पर विधानसभा के बाहर सियासी बवाल, शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस पर विपक्ष का हमला, राजद ने लगाया रेप-मर्डर में सत्ता संरक्षित अपराध का आरोप
Shambhu Girls Hostel: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन से ज़्यादा सियासी गर्मी बाहर देखने को मिली। ...
Shambhu Girls Hostel: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन से ज़्यादा सियासी गर्मी बाहर देखने को मिली। विपक्ष, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विधानसभा पोर्टिको को विरोध का अखाड़ा बना दिया। नारे, तख्तियां और आरोप-हर लहजे में गुस्सा और हर शब्द में इल्ज़ाम था। विपक्ष का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि “संरक्षित अपराध” का राज चल रहा है।
राजद विधायकों ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने तीखे शब्दों में आरोप लगाया कि नीट छात्रा के रेप और मौत के मामले में सरकार लीपापोती कर रही है। उन्होंने कहा कि “जब सत्ता के लोग खुद इस जुर्म की परछाईं में खड़े हों, तो जांच कैसे निष्पक्ष होगी? यही वजह है कि सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है।”
बता दें कि पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जनवरी 2026 में जहानाबाद की 17–18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे बिहार को झकझोर दिया था। शुरुआत में मामले को आत्महत्या या ड्रग ओवरडोज बताकर फाइल बंद करने की कोशिश की गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा के स्पष्ट निशान और फॉरेंसिक जांच में कपड़ों पर स्पर्म के अवशेष मिलने के बाद मामला सीधा रेप-मर्डर की तरफ मुड़ गया। इसके बाद सरकार और पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई।
पीड़ित परिवार ने शुरू से ही पुलिस पर कवर-अप का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शुरुआती जांच में जानबूझकर तथ्यों को दबाया गया, ताकि असली गुनहगारों तक हाथ न पहुंचे। इस पूरे प्रकरण में चित्रगुप्त नगर थाना की तत्कालीन थानाप्रभारी रौशनी कुमारी समेत कई लोग संदेह के घेरे में आए। हालांकि थानाप्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन विपक्ष का कहना है कि यह सिर्फ़ दिखावटी कार्रवाई है।
विपक्ष का आरोप है कि सत्ता और अपराध के बीच खतरनाक गठजोड़ बन चुका है, जहां बेटियों की आबरू भी सियासी गणित में तौली जा रही है। राजद नेताओं ने कहा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
फिलहाल मामले की जांच सीबीआई कर रही है, लेकिन सदन के बाहर उठ रहे सवाल यह बताने के लिए काफी हैं कि यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सियासत, सत्ता और सिस्टम की विश्वसनीयता की अग्निपरीक्षा बन चुकी है।
रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह