राहत और झटका एक साथ: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को बेल मिली, पर रिमांड ने रोकी रिहाई

राहत और झटका एक साथ: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को बेल मिली,

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को मंगलवार को बड़ी कानूनी राहत मिली है। राजधानी पटना की विशेष MP-MLA कोर्ट ने एक 31 साल पुराने मामले में सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत दे दी है। हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद सांसद की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं, क्योंकि उन्हें फिलहाल जेल में ही वक्त बिताना होगा।

रिमांड की मंजूरी और जेल में बढ़ी अवधि

पप्पू यादव की रिमांड को लेकर पुलिस ने कोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें पेश की थीं। कोतवाली थाना क्षेत्र के एक मामले में 'प्रोडक्शन' और बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र से जुड़े एक पुराने मामले में पुलिस ने उनकी रिमांड मांगी थी। कोर्ट ने पुलिस की इस अर्जी को स्वीकार कर लिया है, जिसके चलते उनकी रिहाई का रास्ता फिलहाल रुक गया है।

बेऊर जेल में ही रहेंगे सांसद

कोर्ट द्वारा रिमांड मंजूर किए जाने का सीधा अर्थ यह है कि पप्पू यादव को अभी पटना की बेऊर जेल में ही रहना होगा। कानूनविदों के अनुसार, जब तक इन नए रिमांड वाले मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती या अन्य मामलों में जमानत नहीं मिल जाती, तब तक वे न्यायिक हिरासत से बाहर नहीं आ पाएंगे।

कानूनी लड़ाई और समर्थकों की नजर

सांसद पप्पू यादव के खिलाफ चल रहे इन पुराने मामलों और ताजा रिमांड की कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। उनके वकील अब रिमांड वाले मामलों में भी राहत पाने के लिए अगली कानूनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। इस बीच, बेऊर जेल के बाहर और पूर्णिया में उनके समर्थकों की नजरें कोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं।