बिहार विधानसभा में गृह विभाग के बजट पर गरजे राजद विधायक राहुल शर्मा, कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
शराबबंदी की समीक्षा के मुद्दे पर सरकार के रवैये पर तंज कसते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि जैसे ही शराबबंदी की समीक्षा की बात होती है, सरकार को बुरा लगने लगता है।
Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधान सभा में गृह विभाग के बजट पर कटौती प्रस्ताव के दौरान राजद विधायक राहुल शर्मा ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब सम्राट चौधरी ने जदयू से गृह विभाग अपने हाथ में लिया था, तब लोगों में उम्मीद जगी थी कि अपराध पर लगाम लगेगी, लेकिन अब वही उम्मीद निराशा में बदल गई है।
राहुल शर्मा ने कहा कि जहानाबाद में NEET छात्रा से जुड़ा गंभीर कांड सामने आया, जबकि औरंगाबाद में तीन दलित लड़कियां गायब हो गईं और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। उन्होंने सवाल उठाया कि गुंजन और गोपाल खेमका हत्याकांड के आरोपी अब तक कहां हैं। साथ ही नवरूना कांड और NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामलों में सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।
शराबबंदी की समीक्षा के मुद्दे पर सरकार के रवैये पर तंज कसते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि जैसे ही शराबबंदी की समीक्षा की बात होती है, सरकार को बुरा लगने लगता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सूखा नशा का एक समानांतर अवैध कारोबार खड़ा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि आने वाले समय में बिहार भी पंजाब की तरह सूखे नशे से त्रस्त नजर आएगा।
राजद विधायक ने पुलिस व्यवस्था की बदहाली की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि आज पुलिस पदाधिकारी खुद असुरक्षित हैं—कभी बालू माफिया तो कभी शराब माफिया उन्हें पीट रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “आज पुलिस कर्मी पिट रहे हैं, कल हम पिटेंगे।” राहुल शर्मा ने सरकार से मांग की कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाकर इस स्थिति के कारणों की जांच कराई जाए।
पुलिस के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज भी पुलिसकर्मियों को साइकिल अलाउंस मिल रहा है, थानों की हालत जर्जर है और बैरकों की छतें टपक रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों को न तो उचित भत्ते मिल रहे हैं और न ही जरूरी संसाधन। राहुल शर्मा ने मांग की कि शराब और बालू के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों की संपत्ति जब्त की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक माफियाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक कानून-व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
रंजन की रिपोर्ट