Waqf Amendment Bill : राजद की मोदी सरकार को चेतावनी, वक्फ संशोधन विधेयक पास हुआ तो ऐसा होगा हश्र, विरोध में खोला मोर्चा
Waqf Amendment Bill : वक्फ संशोधन विधेयक पर विपक्षी दलों के विरोध के बीच आज इसे संसद में पेश किया जा रहा है. इन सबके बीच लालू यादव की पार्टी राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मोदी सरकार को बड़ी चेतावनी दी है.

Waqf Amendment Bill : संसद में पेश होने वाले वक्फ संशोधन विधेयक पर राजद ने कड़ी आपत्ति जताई है. राजद सांसद मनोज कुमार झा ने बुधवार को कहा कि हर संवैधानिक आधार का उल्लंघन किया जा रहा है। हमने (विपक्ष ने) किसान आंदोलन के दौरान भी कहा था कि जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। लेकिन उन्होंने (केंद्र सरकार ने) जल्दबाजी की। फिर क्या हुआ? (तीनों कृषि कानून) वापस लेने पड़े। यही स्थिति यहां भी नहीं आनी चाहिए।
दरअसल, लोकसभा में बुधवार को मोदी सरकार वक्फ बिल पेश करेगी। लोकसभा में इसे पास कराना सरकार का उद्देश्य है जो काफी आसान लग रहा है क्योंकि सरकार के पास सदन में पर्याप्त नंबर है। वहीं विपक्ष का दावा है कि इस विधेयक के विरोध में वो एकजुट है और इस बिल को पास कराने से वो रोकेगा। इस विधेयक को पेश करने के साथ ही संसद में सरकार और विपक्ष को अग्निपरीक्षा भी देनी होगी।
इन दलों ने किया विरोध
वक्फ बिल के खिलाफ कांग्रेस की अगुवाई वाले दल है। इस बिल के विरोध में विपक्ष बैठक बुला चुका है। विपक्ष का कहना है कि इस बिल के विरोध में ही लोकसभा में वोटिंग होगी। विरोध करने वाले दलों में कांग्रेस, राजद, टीएमसी, डीएमके, AIMIM, सपा, और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड शामिल है।
धार्मिक स्वतंत्रता को करेगा कमजोर
इसी क्रम में कांग्रेस की आंध्र प्रदेश इकाई कीप्रमुख वाई एस शर्मिला रेड्डी ने बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक की निंदा करते हुए इसे संविधान के तहत मुसलमानों को दी गई धार्मिक स्वतंत्रता को कमजोर करने का प्रयास बताया। शर्मिला रेड्डी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ वक्फ संशोधन विधेयक के प्रावधान सरकारी अधिकारियों को वक्फ संपत्तियों और 300 साल पुरानी संपत्तियों के लिए आवश्यक दस्तावेजों की निगरानी करने की अनुमति देते हैं, जो बेहद चिंताजनक है। यह शर्त कि वक्फ की जमीन प्राप्त करने से पहले व्यक्तियों को पांच साल तक इस्लामी प्रथाओं का पालन करना होगा, अस्वीकार्य है।’’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह विधेयक न केवल मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं का अनादर करता है, बल्कि सरकार को वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करने और उन्हें मोदी के सहयोगियों को देने की अनुमति भी देता है।